ये कंपनी लाॅन्च करेगी देश की पहली फ्लाइंग टैक्सी, 2023 से भर सकेंगे उड़ान
तमिलनाडु स्थित स्टार्टअप कंपनी ई-प्लेन (ePlane) अगले साल कमर्शियल फ्लाइंग टैक्सी को लॉन्च करने की योजना बना रही है। वर्तमान में यह कंपनी अपनी पहली फ्लाइंग टैक्सी के प्रोटोटाइप मॉडल ई200 (e200) को तैयार कर रही है, जिसकी बिक्री 2024 से शुरू करने की उम्मीद है। e200 दो सीटों वाली एक इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी होगी जो फुल चार्ज पर 200 किलोमीटर तक उड़ाई जा सकती है। यह 200 kg तक का भर लेकर उड़ सकती है।

इस उड़ने वाली टैक्सी में चार पंखे (प्रोपेलर) लगे होंगे, जिनमें से दो उड़ान भरने और लैंड करने में मदद करेंगे जबकि दो इस प्लेन को आगे बढ़ने के लिए गति देंगे। इस फ्लाइंग टैक्सी को एक इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार के जैसे चार्ज किया जा सकेगा। कंपनी इस टैक्सी में नार्मल के साथ फास्ट चार्जिंग की सुविधा भी देगी।

कंपनी जल्द ही भारत में इस फ्लाइंग टैक्सी के पैसेंजर और कार्गो वैरिएंट को लॉन्च करेगी। जानकारी के अनुसार, कंपनी दिसंबर 2022 में e200 कार्गो के लिए प्रमाणन पत्र प्राप्त कर लेगी, वहीं सितंबर 2024 में यात्रियों के लिए टैक्सी सर्विस शुरू की जाएगी। कंपनी 2025 तक अमेरिकी सरकार के फेडरल एविएशन डिपार्टमेंट से भी प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेगी।

वर्तमान में, कंपनी e200 को असेंबल कर रही है। डिजाइन पूरा होने के अपने अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि ईप्लेन कंपनी जल्द ही निर्माण शुरू कर देगी। आपको बता दें कि ePlane कंपनी को आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर सत्य चक्रवर्ती और पूर्व छात्र प्रांजल मेहता द्वारा स्थापित किया गया है।

सत्य चक्रवर्ती का कहना है कि वे सबसे कॉम्पैक्ट और हल्की फ्लाइंग इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाना चाहते हैं, जो घर की छत से उड़ान भरने और लैंड करने में सक्षम हो। उन्होंने बताया कि e200 को इसी सोच को ध्यान में रख कर तैयार किया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, ePlane कंपनी ने इस साल की शुरुआत में Speciale Invest और Micelio के नेतृत्व में अपने प्रोजेक्ट के लिए 5 मिलियन डॉलर का निवेश प्राप्त किया था। इस स्टार्टअप ने e6 विकसित किया है, जो एक कॉम्पैक्ट वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग इलेक्ट्रिक (eTOL) विमान है। यह एक बार में 6kg का पेलोड ले जा सकता है।

इसकी सीमा 80 किलोमीटर है और इसे कार्गो परिवहन के लिए सबसे बेहतर विकल्प बताया जा रहा है। ePlane कंपनी e50 नामक एक प्रोटोटाइप भी विकसित कर रही है, जो 50 किलोग्राम पेलोड ले जा सकता है और 2023 तक इसके व्यावसायीकरण की उम्मीद है।

आज कई देशों में इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी जैसे वाहनों पर शोध और विकास किया जा रहा है। पिछले साल eVTOL नाम की एक कंपनी ने अपनी फ्लाइंग टैक्सी के लिए सर्टिफिकेशन प्राप्त किया था। फ्लाइंग इलेक्ट्रिक टैक्सी न केवल शहरों के ट्रैफिक से निजात दिलाएंगी, बल्कि इनसे शहरों में प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।


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