पहले अंग्रेजी फिर हिंदी और अब फिर से अंग्रेजी में हो गया इन राजमार्गों के मील के पत्थर, जानिए क्यों?
भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने अंततः अंग्रेजी लिपि के साथ राजमार्गों पर हिंदी चिह्नों को बदलने का फैसला किया है। मील का पत्थर चिह्नों में परिवर्तन के बारे में सभी विवरण प्राप्त करने के लिए यह
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राजमार्ग के मील के पत्थर पर जगहों के नामों को हिंदी से अंग्रेजी करने का फैसला लिया है। तमिलनाडु के उत्तरी जिलों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को मील के पत्थर पर अब अंग्रेजी नाम मिलने लगे हैं।

खबरों के मुताबिक तमिलनाडु में कई राजनीतिक दलों के दबाव के बाद, एनएचएआई यह फैसला लिया। अब मील के पत्थर पर फिर से वेल्लोर न्यू स्टैंड और काटपाडी रेलवे स्टेशन (एनएच 75) अंग्रेजी में नाम देखने को मिलने लगा है।
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आपको बता दें कि एनएचएआई ने एनएच 75 और 77 पर मील के पत्थर पर अंग्रेजी के साथ अंग्रेजी लिपियों को बदलने का फैसला लिया। इसे लेकर स्थानीय लोग और राजनीतिक दलों के बीच काफी हलचल थी।
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इसके पहले पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के संस्थापक एस.रामदॉस ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह राष्ट्रीय राजमार्गो के किनारे लगे मील के पत्थरों पर शहरों के अंग्रेजी में लिखे गए नाम को मिटाकर उसे हिंदी में लिखकर हिंदी को थोपने का काम बंद करे।
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इस मुद्दे पर बढ़ते तनाव के साथ, एनएचएआई ने हाइवे मील के पत्थरों पर हिंदी लिपियों को मिटाने के निर्देश जारी किए। एनएच 75 के मील के पत्थर पर हिंदी चिह्नों को मिटा दिया गया है और अंग्रेजी के साथ बदल दिया गया है।

एनएचएआई के सूत्रों के अनुसार, एक महीने से एनएच 77 और एनएच 75 में मील के पत्थर पर हिंदी लिपियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, तमिलनाडु में मजबूत विरोध प्रदर्शनों के साथ प्रक्रिया स्थगित हो गई थी।
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आप नीचे की त्सवीरों में टाटा के तीन शानदार ब्रैंड की त्सवीरों का अवलोकन कर सकते हैं।


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