'कार'नामा : केरल के इस इंजीनियर ने टाटा नैनो को बना दिया ड्राइवरलेस कार, देखिए कैसे
केरल के युवा इंजीनियर डॉक्टर रोशी जॉन ने अपनी टीम के साथ मिलकर देश की पहली ड्राइवरलेस कार बनाई है। अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने में उन्हें 5 साल तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी। जॉन कहते हैं कि मुझे इस बात पर गर्व है कि हमने भारत में एक टाटा नैनो को बिना ड्राइवर के चलने लायक बनाया। एक्सिडेंट को लेकर इन दिनों गूगल की ड्राइवरलेस कार सुर्खियों में भी है।

डॉक्टर जॉन टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में रोबोटिक एंड कॉगनिटिव सिस्टम हेड के तौर पर काम करते हैं।

जॉन कहते हैं कि उन्होंने ड्राइवरलेस कार के लिए कई कारों के बारे में सोचा। लेकिन आखिर में टाटा नैनो को चुना, क्योंकि इसका इंजन पीछे होता है और आगे वाले हिस्से में रोबोटिक्स के इक्युपमेंट और सेंसर आसानी से फिट हो सकते हैं।

टीसीएस में रोबोटिक्स हेड हैं रोशी जॉन। इंटरेस्टिंग बात है कि जॉन को बिना ड्राइवर की कार बनाने का आइडिया टैक्सी में एयरपोर्ट से घर लौटते समय आया था।

टैक्सी ड्राइवर को बहुत नींद आ रही थी। तभी उन्होंने सोचा कि क्यों ना ऐसी कार बनाई जाए, जो बिना ड्राइवर के लिए चले।

टीम ने सबसे पहले सिम्युलेशन टेक्नीक से व्हीकल की टेस्टिंग की। इसमें सक्सेस हुए तो रियल टाटा नैनो के ऊपर कैमरे और सेंसर लगाकर शहर की सड़कों पर इसका टेस्ट किया।



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