‘बड़े हाथी’ ने की ‘छोटे हाथी’ की सवारी, खतरे में पड़ी लोगों की जान; इंटरनेट पर वायरल हुआ वीडियो
एक तरह जहां लोगों से सड़कों पर सावधानी से गाड़ी चलाने की अपील की जाती है, वहीं दूसरी ओर कई ऐसे लोग हैं जो खतरों को जानते हुए भी सभी नियमों को ताक पर रखकर खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करते हैं। भारतीय सड़कों पर ओवरलोड वाहन अक्सर नियम तोड़ते हुए दिख जाते हैं।
Recommended Video
ऐसे वाहन सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों की जान के लिए भी खतरा होते हैं। इनमें वाहन चालकों की लापरवाही तो होती ही है, साथ में ऐसे वाहनों को परमिट देने वाले ट्रैफिक पुलिस का भी दोष होता है।

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसे देखर लोग हैरान तो ही रहे हैं साथ में इस तरह की ड्राइविंग को जानलेवा भी बता रहे हैं। एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किये गए इस वीडियो में एक बड़े हाथी को एक टाटा ऐस पर लेजाते हुए दिखाया गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी को टाटा ऐस से जुड़े एक ट्राॅली के ऊपर ले जाया जा रहा है। इस ट्राॅली पर हाथी के पैर बंधे हुए हैं।

फिलहाल यह पुष्टि नहीं हुई है कि यह वीडियो कहां का है और इस तरह लोगों की जान को खतरे में डाल कर सड़क पर निकले वाहन चालक पर पुलिस ने कोई कार्रवाई की या नहीं।
दिलचस्प बात यह है कि टाटा ऐस को भारतीय बाजार में 'छोटा हाथी' के रूप में बेचा जाता है और इस तरह टाटा ऐस पर ले जाए जा रहे हाथी को देखते हुए लोग मीम्स भी बना रहे हैं। लेकिन इस तरह इतने भारी जानवर को ले जाना न केवल जानवर के लिए खतरनाक है, बल्कि यह आसपास चल रहे सभी वाहनों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।

बता दें कि इस तरह के ड्राइविंग व्यवहार के चलते भारतीय सड़कों को दुनिया में सबसे चुनौतीपूर्ण और खतरनाक माना जाता है। बता दें कि भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं के करीब 3.5 लाख मामले दर्ज किये जाते हैं। इन हादसों में करीब 1.5 लाख लोगों की मौत होती है। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्योरो की रिपोर्ट के अनुसार, 60% सड़क दुर्घटनाएं अधिक गति (ओवरस्पीडिंग) के कारण होती हैं।

सड़क हादसों के अन्य बड़े कारणों में ओवरलोडिंग और गलत साइड में ड्राइविंग भी शामिल है। वहीं नशे में ड्राइविंग को भी सड़क हादसों का मुख्य कारण बताया गया है।

परिवहन मंत्रालय के अनुसार, साल 2020 के दौरान सड़क हादसों (Road Accident 2020) में कुल 1,20,806 लोगों की मौत हुई। इन हादसों के अधिकतर शिकार युवा थे। रिपोर्ट के कहा गया कि सड़क दुर्घटनाओं के कुल मामलों में 43,412 (35.9%) हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए, जबकि राज्य राजमार्गों पर 30,171 (25%) हादसे हुए। वहीं अन्य सड़कों पर 47,223 (39.1%) दुर्घटनाएं हुईं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन सड़क हादसों में मरने वालों में 18-45 आयु वर्ग के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। इस आयु वर्ग के लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने 2020 के सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई। वहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मरने वाले 18-60 वर्ष के लोगों में 87.4 प्रतिशत कामकाजी थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सड़क हादसों में शामिल वाहन श्रेणियों में सबसे ज्यादा संख्या दोपहिया वाहनों की थी। जबकि कार, जीप और टैक्सी जैसे हल्के वाहन एक साथ दूसरे स्थान पर हैं। कुल मृत्यु में दोपहिया सवारों की हिस्सेदारी 2020 के दौरान सबसे ज्यादा (43.5%) रही। सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए 17.8 प्रतिशत लोग पैदल चलने वाले थे।


Click it and Unblock the Notifications








