ट्रैफिक पुलिस ने काटा इलेक्ट्रीशियन का चालान, तो थाने की बिजली आपूर्ति हो गई बंद
यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ट्रैफिक पुलिस अक्सर जुर्माना करती है। एक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वो यातायात नियमों का पालन करे और अगर कभी यातायात नियमों का उल्लंघन हो जात है, तो उसका कानून उसकी जवाबदेही को स्वीकार कर लेना चाहिए।

भारत का हर एक नागरिक ऐसा ही करता है। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस भी सजग रहती है। शहर के नागरिकों को हमेशा जागरूक करते रहती है। अभी हाल ही में कई ऐसी खबरें आई है कि यातायात नियमों के पालन के लिए ट्रैफिक पुलिस लोगों को जागरूक कर रही है।

इसके लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा नियमों का पालन करने पर लोगों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। लेकिन वहीं उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक खबर सामने आई है। दरअसल बीतें दिनों उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पुलिस द्वारा एक इलेक्ट्रीशियन का चालान कर दिया गया है।

फिरोजाबाज ट्रैफिक पुलिस ने इलेक्ट्रीशियन को हेलमेट नहीं पहनने के लिए 500 रुपयें का जुर्माना किया था। इसपर इलेक्ट्रीशियन नाराजा होकर काफी असमान्य तरीके से जवाबी कारवाई की है।

इसके लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा नियमों का पालन करने पर लोगों को पुरस्कार भी दिया जा रहा है। लेकिन वहीं उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक खबर सामने आई है। दरअसल बीतें दिनों उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पुलिस द्वारा एक इलेक्ट्रीशियन का चालान कर दिया गया है।

फिरोजाबाज ट्रैफिक पुलिस ने इलेक्ट्रीशियन को हेलमेट नहीं पहनने के लिए 500 रुपयें का जुर्माना किया था। इसपर इलेक्ट्रीशियन नाराजा होकर काफी असमान्य तरीके से जवाबी कारवाई की है।

यह पूरा मामला इलेक्ट्रीशियन श्रीनिवास के हेलमेट नहीं पहनने से शुरू होता है। हेलमेट नहीं पहनने की वजह से सब इंस्पेक्टर रमेश चंद्रा ने श्रीनिवास को रोक दिया और 500 रुपयें का चालान जारी कर दिया।

हालांकि श्रीनिवास ने सब इंस्पेक्टर से क्षमा भी मांगी और यह दलील भी दिया कि वह 500 रुपयें जुर्माना देने में असमर्थ है। क्योंकि उसकी मासिक आय केवल 6000 रुपयें है। लेकिन पुलिस सब इंस्पेक्टर ने उसकी एक बात नहीं मानी और 500 रुपयें का चालान कर दिया।

इसके बाद श्रीनिवास को ऑनलाइन जुर्माना भरना पड़ा। इसके बाद श्रीनिवास अपने दफ्तर जाता है और पुलिस सब इंस्पेक्टर के कार्यालय का बिजली बकाया की जांच करता है। इस जांच में उक्त पुलिस स्टेशन डिफॉल्टर पाया जाता है।

पुलिस स्टेशन का बिल जनवरी 2016 से 6,62,463 रुपयें तक का बकाया पाया जाता है। इस पर कारवाई करते हुए श्रीनिवास ने पुलिस स्टेशन को बिजली की आपूर्ति काट दिया है। इसके बाद पुलिस स्टेश में 4 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही है।

पुलिस स्टेशन को बिजली बहाल करने में 4 घंटे से अधिक समय लगा। बिजली की आपूर्ति के वियोग के साथ, स्टेशन लगभग 4 घंटे तक बिजली के बिना रहा। बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ वरिष्ठ पुलिस द्वारा मामले को उठाने के बाद ही इसे बहाल किया गया था।

इस बारे में जब श्रीनिवासन से पूछा गया तो उसने बताया कि लंबे वक्त से बकाया बिल के कारण उसने बिजली आपूर्ति बंद की है। साथ ही श्रीनिवास ने बिजली भुगतान करने के नियमों के बारे में भी बताया। उसने यह भी कहा कि हेलमेट नहीं पहनने पर जब 500 रुपयें का जुर्माना एक 6000 की आय वाले व्यक्ति से वसूला जा सकता है, तो कमाई करने वाली पुलिस स्टेशन से लंबे वक्त का बकाया बिल और उसकी जुर्माना राशि क्यों नहीं।

आपको बता दें कि जनवरी 2016 से बिलों का भुगतान नहीं हुआ था। बाद में इसकी पुष्टि सब डिवीजनल अधिकारी,रणवीर सिंह ने भी की है। उन्होंने यह भी कहा कि कई रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद भी भुगतान नहीं किया गया था।

हालांकि पुलिस का दावा है कि सभी कार्यालयों और पुलिस स्टेशनों के लिए बिजली के बिलों के भुगतान के लिए डीवीवीएनएल को 15.1 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। शेष राशि को भी जल्द ही मंजूरी दे दी जाएगी।

इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों ने यह भी शिकायत की कि बिजली की खपत कम होने के बावजूद पुलिस स्टेशन के लिए 10 किलोवाट का अतिरिक्त भार तय किया गया था, लेकिन बिजली विभाग ने यह दावा करते हुए कहा कि पुलिस स्टेशन में इस्तेमाल किए जाने वाले अतिरिक्त उपकरणों के कारण 14 किलोवाट तक पहुंच गया है।

यह मामला समाप्त नहीं हुआ है और पुलिस ने कहा है कि वे बिना किसी सूचना के श्रीनिवास द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत करेंगे।


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