एमपी सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन उपभोक्ताओं को दिया झटका, घरेलू कनेक्शन से चार्ज किया तो होगी ये कार्रवाई
मध्य प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल कर रहे लोगों को झटका दे दिया है। अब एमपी में घरेलू कनेक्शन से इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने वाले लोगों का वाहन जब्त हो सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ने घर पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए नए नियमों को परिभाषित किया है, जिसके तहत अब घरेलू बिजली कनेक्शन से इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। अगर आप इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करना चाहते हैं तो आपको कमर्शियल कनेक्शन लेना होगा जिसके लिए बिजली की कमर्शियल दरें लागू होंगी।

चार्जिंग करने का खर्च होगा महंगा
एमपी ऊर्जा विभाग ने सख्त आदेश जारी कर कहा है कि लोग अलग से मीटर लें और अपनी गाड़ियां चार्ज करें। विभाग के इस आदेश के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग से कमर्शियल बिजली कनेक्शन लेना होगा जिसकी दरें घरेलू कनेक्शन से ज्यादा होंगी।

तुरंत मिलेगा कनेक्शन
बता दें कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल करने वालों को शासन की सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही चार्जिंग स्टेशन लगाकर दिया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि अगर लोग घरेलू कनेक्शन का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, कृषि या किसी अन्य तरीकों से करते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 की उपधारा 2 के तहत ई-रिक्शा/वाहन एवं संबंधित उपकरणों को जब्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एमपी ऊर्जा विभाग का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित अलग कनेक्शन दिए जाएंगे। ऊर्जा विभाग ग्राहकों की मांग पर अलग कनेक्शन देने के लिए त्वरित कार्रवाई करेगा।

एमपी में जल्द घोषित होगी इलेक्ट्रिक वाहन नीति
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा करने वाली है। राज्य सरकार की औद्योगिक नीति और निवेश संवर्धन विभाग ने नीति से जुड़े प्रस्ताव को तैयार कर लिया है, जिसके अनुसार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को छूट व सब्सिडी देने की योजना तैयार की गई है।

विभाग से जुड़े एक उच्च अधिकारी के अनुसार, ईवी नीति तैयार है और राज्य सरकार और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श चरण में है। एक बार फाइनल ब्लूप्रिंट तैयार हो जाने के बाद इसे मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

इस योजना को अगले दो-तीन महीनों के दौरान लॉन्च किए जाने की संभावना है। साथ ही, राज्य में बड़े पैमाने पर ईवी योजना को बढ़ावा देने के लिए, राज्य सरकार विभिन्न हितधारकों, जैसे इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं, अर्थ मूवर्स और कंपोनेंट निर्माताओं को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित करने की भी योजना बना रही है।

आपको बता दें कि अप्रैल, 2022 में मध्य प्रदेश में ऑटो एक्सपो का आयोजन किया गया था जिसमें पारंपरिक वाहन निर्माताओं के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को भी बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया था। इस ऑटो एक्सपो में वाहनों और उनके स्पेयर पार्ट्स के निर्माण में लगी 100 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया था।


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