इलेक्ट्रिक कारों को नहीं होना चाहिए साइलेंट, जानें सरकार ने ऐसा क्यों कहा
इलेक्ट्रिक कारों को बेहद शांत नहीं होना चाहिए और थोड़ी आवाज करनी चाहिए ताकि पैदल चलने वाले अलर्ट हो सके, ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड कमिटी ऐसा नया नियम लाने जा रही है। यह नियम पैसेंजर वाहनों के साथ-साथ गुड्स कैरियर के लिए भी लागू होने वाला है। यह नए नियम सेंट्रल मोटर व्हीकल नियम (CMVR), 1989, में जोड़े जा सकते हैं। नए नियम के आने के बाद कार निर्माताओं को वाहन के डिजाईन में बदलाव करना पड़ सकता है।

CMVR के नए नियम आने के बाद इस नियम के अनुसार कंपनियों को वाहन के डिजाईन को वैसा ही रखना होगा. अगर वाहन का मौजूदा डिजाईन इस नियम के अनुसार नहीं है तो कंपनियों को एकुस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम, वाहन में लगाना होगा. यह इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोगों के लिए फायदेमंद होगा.

यह एक अच्छा नियम है लेकिन इसमें यह समस्या आ सकती है कि लाउडस्पीकर की वजह से बैटरी जल्द ही खत्म हो सकती है. वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियां बैटरी की क्षमता को लगातार बढ़ाने व रेंज को बेहतर करने पर काम कर रही है और रेंज की समस्या सबसे बड़ी समस्या है. जहां एक ओर यह आवाज लोगों को चेतावनी देगा, वहीं ध्वनि प्रदूषण का भी काम करेगा.

एक ओर जहां कंपनियां आईसी इंजन वाले वाहनों में इंजन के आवाज को कम करने की दिशा में काम कर रही है, वहीं सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इस तरह के नए नियम ला रही है. बतातें चले कि ईवी में आर्टिफिशियल साउंड कई इलेक्ट्रिक दोपहिया में लायी जा चुकी है. हाल ही में ओला इलेक्ट्रिक व रिवोल्ट बाइक में यह साउंड सिस्टम दिया गया है.

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को सदन को सूचित किया कि देश में 13 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस आंकड़े में आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण को शामिल नहीं किया गया है।

गडकरी ने कहा कि फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME) फेम-II योजना के तहत, 68 शहरों में 2,877 सार्वजनिक ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशन और 9 एक्सप्रेसवे और 16 हाईवे पर 1,576 ईवी चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने की योजना को स्वीकृति दी गई है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में कुल 2,826 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन चालू हैं।

सीईईडब्ल्यू ने एक शोध में दावा किया है कि इसके अतिरिक्त, 2050 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या नौ गुना बढ़ जाएगी। हालांकि, शोध में यह भी कहा गया है कि आय में सुधार के चलते दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री कम होने लगेगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि लोगों की आय में सुधार से चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी और इसके साथ ही देश में बिजली की खपत में तेजी से बढ़ेगी।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ रही है और तेजी से इसमें वृद्धि हो रही है, ऐसे में सरकार को इससे जुड़े कुछ नियम तैयार करने जरूरी हो गये है. हालांकि आर्टिफिशियल साउंड जोड़ने वाला नियम कितना कारगर होगा और कंपनियों को कितना प्रभावित करेगा, यह आगे देखना होगा।


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