भारत में करीब 4 लाख इलेक्ट्रिक वाहन, सरकार ने किया खुलासा
भारत में लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ती जा रही है तथा सरकार भी देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। पिछले साल इनकी बिक्री में भी 2.5 गुना बढ़त दर्ज की गई थी।

हाल ही में सरकार ने भारत की सड़कों पर चल रही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या का खुलासा किया है। सड़क परिवाहन मंत्रालय की जानकारी के अनुसार भारत में करीब 4 लाख इलेक्ट्रिक या बैटरी से संचालित वाहन रजिस्टर है, जिसमें आधे से अधिक दिल्ली व उत्तरप्रदेश में है।

इन इलेक्ट्रिक वाहनों में अधिकतर ई-रिक्शा व ई-कार्ट शामिल है। पहले इन्हें इस गिनती में नहीं लिया जाता था लेकिन 2015 में संसद द्वारा कानून पास किये जाने के बाद इन्हें मोटर वाहन का दर्जा दिया गया है। पिछले कुछ सालों में इनकी संख्या में बहुत बढ़त हुई है।

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी संसद में यह जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 1.39 लाख यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर है तथा उसके बाद दिल्ली में 75,600 यूनिट वाहन रजिस्टर है। इन दोनों राज्यों में देश के आधे से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन मौजूद है।

तीसरे व चौथे नंबर पर क्रमशः कर्नाटक व महाराष्ट्र है तथा पांचवे नंबर पर असम ने कब्जा किया है। हालांकि सूत्रों का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या और अधिक हो सकती है क्योंकि बहुत से वाहन रजिस्ट्रेशन किये बिना ही उपयोग में लाये जा रहे है।

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भारत सरकार लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की ओर कदम उठा रही है तथा वाहनों की खरीदी पर कई प्रकार की छूट व लाभ प्रदान कर रही है ताकी अधिक से अधिक रूप से इन्हें प्रचलन में लाया जा सके।

देश की विभिन्न संस्थाएं भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। हाल ही में विदेशी कंपनियों को इस क्षेत्र में बढ़ावा देने करे लिए इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी कम करके 5% किये जाने पर विचार किया जा रहा है। कई राज्यों में सरकारी बसों को भी इलेक्ट्रिक रूप में लाने की तैयारी चल रही है।

नितिन गडकरी ने यह भी कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन चार्ज को भी खत्म करने वाली है। इसके साथ ही नीति आयोग ने भारत में 2023 के बाद सिर्फ इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन चलाने की योजना लेकर आई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर सरकार एक तरफ कई छूट भी प्रदान कर रही है तो दूसरी ओर सख्ती भी दिखा रही है। जिस वजह से कई ऑटोमोबाइल कंपनियां इस कदम की आलोचना भी कर रही है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारत में धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों का चलन बढ़ रहा है तथा सरकार के क़दमों की वजह से इसमें और इजाफा हो रहा है लेकिन लचर ढांचा तथा कोई योजना नहीं होने के कारण इसमें तेजी से बढ़त नहीं हो रही है। इसके लिए बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लाने की जरूरत है।


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