भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ेगी कीमत, अप्रैल से कीमतें बढ़ाने के मूड में कंपनियां
भारत में बनाने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत में जल्द ही वृद्धि हो सकती है। वाहन कंपनियों का कहना है कि कच्चे माल और उपकरणों की बढ़ती कीमतों के कारण उनपर वाहनों की कीमतें बढ़ाने का दबाव बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियां अगले महीने (अप्रैल 2022) से कीमतों में 6-8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकती हैं।

टाटा मोटर्स और एथर एनर्जी ने पहले ही अपने इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत में इजाफा कर दिया है, जबकि ओला, हीरो इलेक्ट्रिक और काइनेटिक एनर्जी जैसे निर्माता अगले कुछ दिनों में कीमत में वृद्धि को लेकर कदम उठा सकती हैं। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में पिछले साल से तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिसके चलते वाहनों कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर प्रभाव पड़ रहा है।

वाहन कंपनियों ने कहा कि वर्तमान में रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से लिथियम आयन बैटरी की कीमतों में 5 प्रतिशत का उछाल आ गया है। युद्ध के कारण निकल, लिथियम और अन्य घटकों की आपूर्ति बाधित हो रही है। बता दें कि रूस दुनिया के 20 प्रतिशत निकल की आपूर्ति करता है, जिसका इस्तेमाल ड्राई सेल बैटरियों में होता है।

बैटरी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पर सीधा प्रभाव पड़ता है। चूंकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत का लगभग 50 प्रतिशत बैटरियों का होता है, इसलिए वैश्विक बाजार में लिथियम और निकल की कीमतों में बदलाव का असर इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी पड़ता है।

जानकारों के अनुसार, मार्च-जून 2022 के बीच वैश्विक स्तर पर सेल की कीमत में 20-25 प्रतिशत का इजाफा होने वाला है। पिछले साल ही सेल की कीमत में 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ जिसे वाहन निर्माताओं द्वारा अवशोषित कर लिया गया।

वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से चीन ने इलेक्ट्रिक वाहनों के कंपोनेंट पर दिए जाने वाले छूट को हटा लिया, जिससे भारतीय निर्माताओं की लागत बढ़ गई है। हाल ही में टाटा मोटर्स ने अपनी सबसे अधिक बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार नेक्सन ईवी की कीमत में 25,000 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब नेक्सन ईवी की शुरूआती कीमत 14.54 लाख रुपये हो गई है।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। पिछले साल भारत में 1,36,699 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन बेचे गए, जो 2020 की बिक्री के मुकाबले 1.11 प्रतिशत अधिक रहा। इसी दौरान इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों की बिक्री 14,874 यूनिट की रही जो कुल इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री का 0.48 प्रतिशत था।


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