EV Charging Rate: जानिए दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने में कितना है खर्च
देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों पर खर्च का बोझ बढ़ा दिया है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन पारंपरिक वाहनों का सस्ता विकल्प प्रदान कर रहे हैं, साथ ही पर्यावरण के लिए भी अनुकूल हैं। अगर आप भी इलेक्ट्रिक कार या बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपको विभिन्न शहरों में इन्हें चार्ज करने के रेट (शुल्क) के बारे में जरूर जानना चाहिए। आइये जानते हैं अलग-अलग शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने में कितना खर्च आता है -

मुंबई में 15 रुपये प्रति यूनिट है खर्च
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, मुंबई में एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को चार्ज करने करने में 15 रुपये प्रति यूनिट का खर्च आएगा। बीएमसी की कैलकुलेशन के अनुसार, एक इलेक्ट्रिक कार को पूरी तरह से चार्ज होने में 20 से 30 यूनिट बिजली लेगी और इसके लिए यूजर्स को लगभग 200 रुपये से 400 रुपये का खर्च आएगा।

एक औसत इलेक्ट्रिक स्कूटर या इलेक्ट्रिक बाइक को चार्ज करने में 3 kW बिजली की खपत होती है। इस हिसाब से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को मुंबई में 40-45 रुपये में पूरी तरह चार्ज किया जा सकता है। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल फुल चार्ज होने पर 100 से 120 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देता है। बीएमसी ने दादर में कोहिनूर पब्लिक पार्किंग लॉट (PPL) में शहर का पहला सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशन लॉन्च किया है। भविष्य में ऐसे 25 अन्य ईवी चार्जिंग स्टेशनों के बनाये जाने की उम्मीद है।

दिल्ली में 4.5 रुपये प्रति यूनिट है खर्च
दिल्ली में सरकार ने ई-व्हीकल्स की लो टेंशन चार्जिंग के लिए 4.5 रुपये प्रति यूनिट और हाई टेंशन वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए 5 रुपये प्रति यूनिट तय की है। दिल्ली में एक इलेक्ट्रिक कार को फुल चार्ज करने के लिए लगभग 120 रुपये से 150 रुपये का खर्च आएगा। दिल्ली सरकार का दावा है कि देश में इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने का सबसे कम रेट दिल्ली में है।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कई कंपनियों ने अपने चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर लिए हैं। दिल्ली में हीरो इलेक्ट्रिक, ओला, ओकिनावा और एम्पीयर ब्रांड जैसी ई-बाइक, टाटा और महिंद्रा जैसी ई-कार, ई-ऑटो और ई-कार्ट के लिए भी चार्जिंग सुविधाएं मौजूद हैं।

बेंगलुरु में इतना है खर्च
देश के इलेक्ट्रॉनिक सिटी बेंगलुरु में इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने का खर्च दिल्ली से कम लेकिन मुंबई से ज्यादा है। बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (BESCOM) के अनुसार, चार्जिंग का शुल्क प्रति यूनिट 7.28 रुपये से लेकर 8.90 रुपये तक है। यहां एक इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने में आपको 200 से 240 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।

राज्य सरकार का उपक्रम हर 5 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाने का इरादा रखता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिजली से चलने वाले ई-व्हीकल्स कहीं बीच में फंस न जाएं। बेंगलुरू के पास शहर भर में 70 स्थानों पर 136 चार्जिंग पॉइंट्स हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हर महीने 800 से 1,000 वाहन चार्जिंग सेशन ही रिकॉर्ड हो रहे हैं।

कर्नाटक में रजिस्टर्ड 27,000 ई-वाहनों में से 17,000 अकेले बेंगलुरु में चल रहे हैं। राज्य सरकार का उपक्रम हर 5 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाने का इरादा रखता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिजली से चलने वाले ई-व्हीकल्स कहीं बीच में फंस न जाएं।

बता दें कि चार्जिंग स्टेशन दो तरह के होते हैं। इसमें डायरेक्ट करंट (DC) से चलने वाला फास्ट चार्जर (Fast Charger) होता है जो वाहन को 60 से 90 मिनट में पूरा चार्ज कर देता है। वहीं दूसरा स्लो चार्जर है जो 6 से 7 घंटे के बीच में इलेक्ट्रिक व्हीकल को चार्ज करता है। स्लो चार्जर को अल्टरनेट चार्ज (AC) भी कहा जाता है।

नोट: चार्जिंग रेट पर अतिरिक्त जीएसटी शुल्क लगाया जाता है। हमनें प्रति यूनिट खर्च के अनुसार चार्जिंग रेट की गणना की है जिसमें जीएसटी शुल्क अलग से मान्य हो सकता है।


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