देश में सस्ते होंगे इलेक्ट्रिक वाहन! जम्मू-कश्मीर में मिला लिथियम का 59 लाख टन का भंडार
देश में पहली बार जम्मू-कश्मीर में 59 लाख टन लिथियम का भंडार पाया गया है। लिथियम एक अलौह धातु है और इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी में प्रमुख कंपोनेंट में से एक है। माइन्स मंत्रालय विवेक भारद्वाज के मुताबिक, पहली बार भारत में लीथियम के भंडार की खोज की गई है।
लिथियम बैटरी में यूज किए जाने वाले खास घटकों में से एक है। वर्तमान में भारत लिथियम (lithium), निकल (nickel) और कोबाल्ट (cobalt) जैसे कई खनिजों का आयात दूसरे देशों पर पूरी तरह से निर्भर है।

जम्मू कश्मीर में लिथियम के इतने बड़े भंडार (Lithium In India) के मिलने से काफी हद तक लिथियम के लिए भारत को दूसरे देशों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। लिथियम के भंडार के मिलने के बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल की रफ्तार बढ़ जाएगी।
खनन मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज के मुताबिक, बैटरी के अलावा मोबाइल फोन या फिर सोलर पैनल के लिए लिथियम की जरूरत होती है। उन्होंने आगे कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाना है तो इस तरह के खास खनिजों का पता लगाना और उन्हें संसाधित करना जरूरी है।

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल को लगातार प्रमोट किया जा रहा है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह पेट्रोल और डीजल की निर्भरता को कम करना है। केंद्र सरकार का मानना है कि सड़कों पर पेट्रोल-डीजल से चलने वाली गाड़ियों की संख्या जितनी कम होगी, प्रदूषण का स्तर उतना ही कम हो जाएगा।
एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम ऑयन बैटरियों पर सीमा शुल्क को घटाकर 13% करने का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री ने बजट 2023-24 के दौरान इसकी घोषणा की थी। कहा जा रहा था कि लिथियम पर सीमा शुल्क घटाने के बाद इलेक्ट्रिक गाड़ियां सस्ती होंगी।


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