इस इलेक्ट्रिक ट्रक ने बनाया वर्ल्ड रिकाॅर्ड, सिंगल चार्ज में चली 1099 किलोमीटर
यूरोप की एक इलेक्ट्रिक ट्रक (electric truck) का नाम सबसे ज्यादा रेंज के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) में दर्ज कर लिया गया है। यह ट्रक यूरोप की प्रमुख वाहन निर्माता Futuricum ने DPD स्विट्जरलैंड और Continental टायर्स के साथ मिलकर तैयार किया है। जानकारी के मुताबिक इस इलेक्ट्रिक ट्रक ने रेंज के मामले पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

सिंगल चार्ज पर चली 1099 किमी
यह इलेक्ट्रिक ट्रक वोल्वो की एक ट्रक का मॉडिफाइड यूनिट है जिसकी बैटरी की क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट में बदलाव करके रेंज को बढ़ाया गया है। हाल ही में इसे कॉन्टिनेंटल टायर्स के 2.8 किलोमीटर के गोलाकार टेस्ट ट्रैक पर चलाकर टेस्ट किया गया। ट्रैक के छोटा होने के ट्रक को 392 लैप में 23 घंटों तक चलाया गया।

इस दौरान ट्रक की औसतन रफ्तार 50 किमी/घंटा रही थी, जो किसी भी हाईवे पर एक ट्रक की सामान्य रफ्तार होती है। यह ट्रक अभी प्रोटोटाइप मॉडल में है जिसे पूरी तरह तैयार करने में समय लगेगा। कंपनी का कहना है कि यह ट्रक माल ढुलाई में काम आने वाले डीजल ट्रकों की जगह लेगा। लगभग 19 टन के इस इलेक्ट्रिक ट्रक को उन सभी काम में इस्तेमाल में लाया जा सकता है जो एक डीजल ट्रक करता है।

ट्रक में है दमदार बैटरी
तकरीबन 1000 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज देने वाले इस ट्रक में पॉवरफुल बैटरी लगाई गई है। इस ट्रक में सेल्फ कूलिंग लिथियम आयन बैटरी लगाई गई है जिसकी क्षमता 680 kWh है। बैटरी के साथ ट्रक का कुल वजन 19 टन होता है। यह ट्रक अधिकतम 680 Bhp की पॉवर जनरेट करने में सक्षम है।

प्रतिदिन 300km से ज्यादा चल सकती है ट्रक
एक डीजल ट्रक जहां आमतौर पर एक दिन में 200 से 250 किलोमीटर तक चलाई जा सकती है। कंपनी का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक ट्रक फुल लोड के साथ प्रतिदिन 300 km तक आसानी से चलाई जा सकती है। ट्रक में इलेक्ट्रिक मोटर लगे हैं जिसके ठंडा रखने के लिए कुछ समय के लिए ब्रेक लेना जरूरी है। कंपनी ने दावा किया है कि यूरोप में इतनी पॉवरफुल इलेक्ट्रिक ट्रक अभी तक नहीं बनाई गई है।

टाटा स्टील प्लांट में तैनात हुए इलेक्ट्रिक ट्रक
हाल ही में टाटा स्टील ने अपने जमशेदपुर स्टील प्लांट में एक इलेक्ट्रिक ट्रक की तैनाती की है। यह इलेक्ट्रिक ट्रक काफी बड़ी है इसलिए इसे 'मॉन्स्टर' ट्रक भी कहा जा रहा है। टाटा स्टील प्लांट में तैनात की गई इन ट्रकों को सबसे कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए तैयार किया गया है।

कंपनी के अनुसार, इन ट्रकों का वजन 2.5 टन है। इनमें 275kWh की लिथियम-आयन बैटरी पैक लगाया गया है। काम के समय बैटरी ज्यादा गर्म ना हो, इसलिए उन्नत कूलिंग तकनीक और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया है।

कंपनी का दावा है कि इस ट्रक को 60 डिग्री के भीषण तापमान पर भी चलाया जा सकता है। ट्रक की बैटरी को चार्ज करने के लिए 160 kWh का चार्जर दिया गया है जिससे इसकी बैटरी महज 95 मिनट (1.35 घंटे) में पूरी चार्ज हो जाएगी। अनुमान के मुताबिक, एक ट्रक हर साल 125 टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम करने में मदद करेगा।


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