द्वारका एक्सप्रेसवे टनल में धू-धू कर जली कार, एडवांस सेफ्टी सिस्टम ने टाल दिया बड़ा हादसा

मंगलवार सुबह द्वारका एक्सप्रेसवे के एयरपोर्ट टनल के अंदर एक चलती कार में आग लग गई। इस घटना की वजह से दिल्ली-गुरुग्राम के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए इस सबसे व्यस्त रूट पर घना धुआं भर गया। हालांकि, टनल में लगे हाई-स्पीड जेट पंखे और स्प्रिंकलर जैसे ऑटोमैटिक सिस्टम तुरंत एक्टिव हो गए और आग पर काबू पा लिया गया। इमरजेंसी रिस्पॉन्स के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर ट्रैफिक पुलिस ने कुछ देर के लिए सभी गाड़ियों की आवाजाही रोक दी थी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे टनल के मॉडर्न फायर डिटेक्शन सिस्टम ने इस संकट को बखूबी संभाला। यह टनल एक एडवांस अंडरग्राउंड नेटवर्क के जरिए दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों को जोड़ती है। कई लोगों के लिए टनल के सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर का यह पहला असली टेस्ट था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि समय रहते आग का पता चलने से टनल जैसे बंद रास्ते में एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

Dwarka Expressway Tunnel Car Fire 2026: Safety Systems Prevent Major Accident

द्वारका एक्सप्रेसवे टनल के एडवांस सेफ्टी फीचर्स

इस टनल में ट्रैफिक फ्लो पर लगातार नजर रखने के लिए ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें लगे सेंसर कुछ ही सेकंड में गर्मी और धुएं को पहचान लेते हैं और फायर फाइटिंग सिस्टम को एक्टिव कर देते हैं। इसमें ओवरहेड स्प्रिंकलर और वेंटिलेशन पंखे लगे हैं जो जहरीले धुएं को तुरंत बाहर निकाल देते हैं। टनल जैसे बंद रास्तों में कार में आग लगने की स्थिति में ऐसी तकनीक जान बचाने के लिए बेहद कारगर साबित होती है।

सिस्टम का प्रकार मुख्य काम ड्राइवरों को फायदा
जेट पंखे धुआं बाहर निकालना बेहतर विजिबिलिटी
स्प्रिंकलर आग बुझाना आग फैलने से रोकना
GNSS सेंसर रियल-टाइम ट्रैकिंग जल्द रेस्क्यू

मानसून में कार की आग और शॉर्ट सर्किट से कैसे बचें?

मानसून के दौरान इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं अक्सर बढ़ जाती हैं। ड्राइवरों को समय-समय पर अपनी कार के एसी सिस्टम और वायरिंग की जांच करानी चाहिए ताकि किसी भी खराबी का पता चल सके। सुरक्षा के लिए कार में एक छोटा ड्राई केमिकल पाउडर (DCP) अग्निशामक यंत्र (extinguisher) रखना फायदेमंद होता है। अगर टनल के अंदर कार से धुआं निकलता दिखे, तो तुरंत गाड़ी को इमरजेंसी लेन में ले जाएं।

टनल में किसी भी इमरजेंसी के दौरान शांत रहें और वहां लगे डिजिटल साइनबोर्ड पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। जलती हुई गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें ताकि बचाव दल अपना काम तेजी से कर सके। इसके अलावा, अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी में 'इंजन प्रोटेक्शन' एड-ऑन जरूर चेक करें ताकि मानसून में आग से होने वाले नुकसान को कवर किया जा सके। सतर्क रहकर और बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन कर आप अपने सफर को सुरक्षित बना सकते हैं।

Article Published On: Tuesday, July 14, 2026, 17:04 [IST]
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