भारतीय धाविका दुती चंद जूझ रही पैसों की कमी से, ट्रेनिंग के लिए बेच रही अपनी बीएमडब्ल्यू कार
देश में लॉकडाउन की वजह से बहुत लोग प्रभावित हुए है, इसमें भारतीय खिलाड़ी भी शामिल है। भारतीय धाविका दुती चंद (DUTEE CHAND) भी लॉकडाउन की वजह से पैसे की कमी से जूझ रही है तथा उनके पास ट्रेनिंग करने तक के पैसे नहीं है।

बात यह है कि दुती चंद आगामी 2021 टोक्यो ओलंपिक की तैयारी करना चाहती है और उनके पास इके लिए पैसे नहीं है। जिस वजह से वह 2018 में खरीदी हुई अपनी बीएमडब्ल्यू 3 सीरिज को बेचना चाहती है, उन्होंने इस कार को 30 लाख रुपये में खरीदा था।

उन्होंने एक मीडिया सूत्र को जानकारी देते हुए कहा कि "यह बहुत ही महंगी कार है जिसे मैंने 30 लाख रुपये में खरीदा था तथा इसकी मेंटेनेंस मेरे लिए एक मुसीबत बन गयी है। साथ ही, मेरे पास इसे रखने के लिए जगह नहीं है क्योकि दो और कार है। इसलिए मैनें निर्णय लिया है कि इसे बेच दूंगी और इकठ्ठे हुए पैसे को ट्रेनिंग में लगाउंगी।"

बतातें चले कि 2018 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। टोक्यो ओलंपिक को जुलाई 2020 में आयोजित किया जाना था लेकिन अब इसे 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। कोरोना की वजह से पिछले कुछ महीनों से खेल भी नहीं हो रहे हैं जिस कारण किसी भी प्रतिस्पर्धा व स्पोंसरशिप से भी आमदनी नहीं हो रही है।

उन्होंने इस पर आगे कहा कि "मैनें अकेले डायट पर 1 लाख रुपये लगा दिया है, उसके बाद मुझे अपने ट्रेनर व फिजियो को सैलरी देना है। मेरे लिए ट्रेनिंग लेना बहुत मुश्किल हो गया है। उड़ीसा सरकार दी गयी कैश ईनाम को मैंने खर्च कर दिए हैं तथा अब ओलंपिक के पोस्टपोंमेंट के बाद मुझे अपनी ट्रेनिंग को फंड करना मुश्किल हो गया है।"

उन्हें उड़ीसा माईनिंग कॉर्पोरेशन की तरफ से 60,000 रुपये सैलरी मिलती है लेकिन ऐसे संकट के समय में वह भी कम पड़ जा रहा है। बतातें चले कि एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अंडर ट्रेनिंग नहीं लेती है। इस वजह से ही उन्हें फेडरेशन से किसी तरह की मदद भी नहीं मिल पा रही है।

उन्होंने लॉकडाउन व ओलंपिक को मुसीबत बताया है जिस वजह से उनकी योजना पर पानी फिर गया है और अब कार बेचने के अलावा उनके पास और कोई विकल्प नहीं है। दुती चंद ने बताया कि वह पूरी सीरियस होकर यह तैयारी कर रही थी।

बीएमडब्ल्यू 3 सीरिज दुती चंद की पहली लग्जरी कार थी लेकिन अब यह बिकने की कगार पर है। हालांकि वहा इससे निराश नहीं है और कही है कि आगे वहा पैसे कमाकर फिर से लग्जरी कार खरीद लेंगी। वर्तमान में वह अपना पूरा ध्यान ओलंपिक पर लगा रही है।

आमतौर पर लग्जरी कार की रीसेल वैल्यू कम होती है। दुती चंद की कार अभी भी वारंटी पर है। ऐसे समय में उम्मीद है कि सरकार भारतीय खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे आएगी और इस तरह के विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों की मदद करेगी।


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