दुबई एयर शो में भारत के फाइटर प्लेन 'तेजस' का बजा डंका, जानें इस महाशक्तिशाली हवाई योद्धा की खासियत
दुबई में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े एयर शो में भारत के लड़ाकू विमान तेजस का डंका बजा है। बता दें कि भारतीय वायुसेना इस शो में लगातार दूसरी बार हिस्सा ले रही है। इसमें भारत के अलावा 20 अन्य बड़े देश भाग ले रहे हैं।
तेजस का निर्माण हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड (HAL) और अल-तारिक ने किया है। भारतीय वायुसेना ने 2022 में हुए इसी एयरशो में LCA तेजस के जरिए हिस्सा लिया था। वहीं दुबई एयर शो में करोड़ों रुपये की मल्टी-एयरलाइन डील्स भी साइन की गई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक तेजस अपनी कैटेगरी का सबसे हल्का और छोटा लड़ाकू विमान है। यह 4.5 पीढ़ी का विमान है। इसका वजन करीब 6. 5 टन और स्पीड 2000 किलोमीटर प्रति घंटा है।
यह हवा में ईंधन भी भर सकता है। इसमें आठ हार्ड पॉइंट्स हैं, जहां बम, रॉकेट और मिसाइल लग सकते हैं। तेजस मल्टीरोल एयर क्राफ्ट है, यानी इसमें अटैक के साथ डिफेंस की भी क्षमता है। अब तक एक भी तेजस विमान हादसे का शिकार नहीं हुआ है।

तेजस की बात करें तो रात हो या दिन या फिर कोई भी मौसम, ऑपरेशन में कोई परेशानी नहीं है। दुनिया के कई देशों ने यह एयरक्राफ्ट खरीदने में रुचि दिखाई है पर सेना की जरूरतें पूरा होने के बाद ही इनको बेचा जाएगा।
HAL LCA तेजस विमान अपनी भव्य और विशाल बॉडी से दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहा है। पिछले साल की तुलना में, इस साल तेजस में कुछ नए और अपडेटेड हार्डवेयर पेश किए गए हैं।

बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ हार्डवेयर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में निर्मित होते हैं। इस लड़ाकू विमान में दिए गए नए हार्डवेयर को लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन (LR-PGMs) नाम दिया गया है। यह हार्डवेयर संयुक्त अरब अमीरात में अल-तारिक नामक कंपनी द्वारा बनाया गया है।
अल-तारिक भी एज ग्रुप का हिस्सा है। इस हार्डवेयर को विकसित करने के लिए इस साल की शुरुआत में 2023 में भारत की हिंदुस्तान एयरोडायनामिक्स लिमिटेड और एज ग्रुप के अल-तारिक के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे।

अल तारिक हथियार प्रणाली को खास तौर पर एलसीए तेजस के लिए ही डिजाइन किया गया है। ये हर मौसम के लिए उपयुक्त है। इसे तेजस के विंग किट जोड़ने से स्टैंड-ऑफ रेंज 45 किमी से 120 किमी तक बढ़ जाती है।


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