ड्राइविंग लाइसेंस: भारत में 30% है फर्जी, नितिन गडकरी ने किया खुलासा
भारत सरकार देश में वाहनों व यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठा रही है। इसके लिए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से कल सोमवार को संसद में मोटर वाहन बिल पेश किया है।

यह बिल पिछले काफी समय से अटका हुआ है। इसे पेश करने के साथ ही नितिन गडकरी ने वर्तमान ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम व सड़क नियमों के उल्लंघन करने पर जुर्माने के सिस्टम को भी बहुत कोसा है और इसके साथ ही लोकसभा में बिल को पेश किया है।

परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि भारत में 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी है। यह भारत के ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम पर कई सवाल खड़े करता है, लेकिन इन बातों को का खुलासा करते हुए नितिन गडकरी बिल्कुल भी नहीं हिचके है।

मोटर वाहन बिल पेश करते हुए उन्होंने कहा कि "अगर दुनिया में आपको कही आसानी से लाइसेंस मिल सकता है तो वह भारत है। भारत में ड्राइविंग लाइसेंस मिलना बहुत आसान है। ड्राइविंग लाइसेंस में लगे फोटो चेहरे से मिलान नहीं खाते है।"

उन्होंने आगे कहा कि "लोग कानून के बिना कोई भय या सम्मान के वाहन चलाते है। कोई भी 50-100 रुपयें के चालान से नहीं डरता है तथा बिना कोई हिचक के सड़क पर पुलिस के सामने से गुजर जाते है।"

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इस बात की भी जानकारी दी गयी कि देश में सड़क हादसे में प्रतिवर्ष करीब 150,000 से अधिक लोगों की जान जाती है। नितिन गडकरी ने इसे अपनी सबसे बड़ी असफलता बताते हुए मोटर वाहन बिल को पास कराने का आग्रह किया।

सड़क हादसों के आकड़ो के बारें में बताते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि पूरे प्रयास के बावजूद सरकार सड़क हादसों को सिर्फ 3-4% तक ही कम कर पायी है लेकिन तमिलनाडु में यह 15% तक कम हो गया है। वह उसका अनुसरण करके सड़क हादसों पर लगाम लगाना चाहते है।

सड़क हादसों को रोकने के लिए सभी राज्यों में तरह तरह के नियम लाये जा रहे है। कई राज्यों में नई वाहन के साथ हेलमेट भी खरीदना अनिवार्य कर दिया गया है तथा इसके साथ ही हेलमेट पहन के वाहन चलाना भी जरूरी हो गया है।

हाल ही में यह खबर सामने आयी थी कि सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के आधार का प्रयोग कर वेरिफिकेशन करने पर लगाम लगा दिया गया है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किये गए आदेश का पालन करते हुए किया है।

साथ ही यह चौंकाने वाली खबर का भी खुलासा हुआ था कि सरकार ने सिर्फ कुछ करोड़ रुपयों के लिए नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस के डेटा को कई कंपनियों को बेच दिया है। इसकी सभी तरह आलोचना हुई थी।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में अधिकतर ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी रूप से बना दिए जाते है जिस वजह से सड़क हादसों या किसी अन्य मौके पर उससे जुड़े शख्स को पहचाने में परेशानी होती है। इसके लिए सरकार को नया और बेहतर सिस्टम लेकर आना चाहिए।

मोटर वाहन बिल सड़क सुरक्षा के लिए बहुत ही जरूरी बिल है तथा इसमें कई कड़े नियम लाये जा रहे है। हालांकि कई जगहों पर राज्य सरकार के अधिकारों के हनन की बात उठायी जा रही है लेकिन नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए यह बिल जल्द से जल्द पास किया जाना चाहिए।


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