इन दस कारणों से हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस रद्द, इस तरह कर सकते हैं सड़क पर सही ड्राइविंग
मोटर वाहन अधिनियम में किए गए संशोधनों ने कुछ हफ्तों के लिए पूरे देश में हलचल का माहौल बना दिया था। संशोधित मोटर वाहन अधिनियम, 2019 के तहत यातायात संबंधित कई नियमों को और अधिक सख्त किया गया है। आइये इसी क्रम में जानते हैं कुछ ऐसे दस यातायात नियमों के बारे में, जिनके उल्लंघन से आपका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो सकता है।

1. तेज म्यूजिक बजाना
कार में अत्याधुनिक साउंड सिस्टम लगवाना किसी प्रकार का जुर्म नहीं है लेकिन ड्राइव करते समय तेज म्यूजिक बजाना एक तरह का क्राइम है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा तेज म्यूजिक बजाते हुए पकड़े जाने पर 100 रुपये का चालान हो सकता है लेकिन पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जुर्माने की राशि को बढ़ा सकती है। इस मामले में ड्राइविंग लाइसेंस जब्त भी की जा सकती है।

2. स्कूल क्षेत्रों में गति सीमा को पार करना
स्कूल अथवा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों को काफी संवेदनशील होते हैं। इन जगहों पर अत्यधिक गति सिमा के बोर्ड लगे होते हैं तथा तेज गति से वाहन चलना वर्जित होता है। ऐसी जगहों पर 25 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से अधिक पर वाहन नहीं चलाने के सख्त निर्देश होते हैं। पकड़े जाने पर जुर्माना हो सकता है या ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त हो सकती है।

3. नेविगेशन के अलावा फोन का उपयोग करना
ड्राइविंग करते समय अपने मोबाइल फोन का उपयोग करना भारत में यातायात अपराध है। कानून के अनुसार, एक चालक नेविगेशन सेवाओं को छोड़कर किसी अन्य काम के लिए मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकता है। ड्राइव करते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से ध्यान भटक सकता है और दुर्घटना घट सकती है। इस नियम का उल्लंघन करने पर जुरमाना लगाया जा सकता है।

4. ब्लूटूथ के जरिए फोन पर बात करना
लगभग सभी आधुनिक कारें हैंड्सफ्री फोन कॉल की सुविधा प्रदान करती हैं। कार चलाते समय ब्लूटूथ के जरिए फोन पर बात करने पर सड़क से आपका ध्यान भटका सकता है और दुर्घटना हो सकती है और इसलिए यह एक यातायात अपराध है। इसलिए ब्लूटूथ फोन कॉल करने पर भी कोशिश करनी चाहिए कि कार को रोक कर बात करें।

5. पैदल यात्री क्रॉसिंग को पार करना
देश भर की मुख्य सड़कों पर पैदल यात्री क्रॉसिंग देखी जा सकती है। ज़ेबरा क्रासिंग इसलिए बनाई जाती है क्योंकि पैदल चल रहे यात्रियों को सड़क पर करने में आसानी हो सके। कई बार देखा जाता है कि ट्रैफिक सिग्नल पर लोग गाड़ियों को जेब्रा क्रासिंग पर चढ़ा देते हैं जिससे पैदल चल रहे लोगों को सड़क पार करने में असुविधा होती है। ऐसा करते हुए पकड़े जाने पर ट्रैफिक पुलिस चालान काट सकती है और यदि इस गलती को बार बार दोहराया जाया तो कुछ महीनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

6. फूटपाथ पर गाड़ी चलाना
भारत में भीड़-भाड़ वाली सड़कों पर अक्सर लोग फूटपाथ पर गाड़ी चलते हुए देखे जा सकते हैं। कुछ दोपहिया चालक ट्रैफिक जाम के दौरान समय बचने के लिए गाड़ियां फूठपाथ पर ले जाते हैं। इसके कारन फूटपाथ पर चल रहे लोगों से टकराव की स्थिति बन जाती है और दुर्घटना हो सकती है। फूटपाथ पर गाड़ी चलाना गैरकानूनी है और पकड़े जाने पर जुर्माने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

7. प्रेशर हॉर्न का उपयोग करना
प्रेशर हॉर्न से काफी तेज आवाज निकलती है, यह सड़कों पर ध्वनि प्रदुषण का मुख्य कारण है। कई बार दोपहिया वाहनों में कार या ट्रक का प्रेशर हॉर्न लगा देखा जा सकता है। सड़कों पर यह तेज आवाज के साथ आगे चल रहे वाहनों के लिए उलझन खड़ी करती है। देश भर में प्रेशर हॉर्न को बन किया गया है। इस तरह के हॉर्न का उपयोग करते पकड़े जाने पर भारी जुर्माना हो सकता है या लाइसेंस भी जब्त हो सकती है।

8. हाई स्पीड वाली सड़कों में लेन बदलना
हाई स्पीड वाली सड़कों पर लेन बदलना दुर्घटना को बुलावा दे सकता है। हाई स्पीड सड़कों पर लगातार लेन बदलने से पीछे से आ रही गाड़ियों से टकराने का खतरा बना रहता है। भारत में जिन सड़कों पर स्पीड लिमिट 40 किलोमीटर प्रतिघंटा है सिर्फ उन्ही सड़कों पर लेन बदलने की अनुमति है।

9. एंबुलेंस को रास्ता नहीं देना
नए मोटर वाहन अधिनियम के तहत एम्बुलेंस को रास्ता नहीं देने पर 10,000 रुपयें के चालान का प्रावधान है। जब एक एम्बुलेंस का साईरन चालू रहता है और हूटर से आवाज निकलती है, तो इसका मतलब है कि एम्बुलेंस या तो एक मरीज को लेने रास्ते पर है या किसी को अस्पताल पहुंचा रही है, दोनों ही मामले अत्यधिक आपातकालीन हैं।

10. सार्वजनिक सड़कों पर रेस लगाना
गति सीमा से अधिक पर गाड़ी चलना अपने आप में एक अपराध है इसलिए सड़क पर रेस लगाना आपको परेशानी में डाल सकता है। न केवल किसी को ओवरस्पीडिंग के लिए अरेस्ट जा सकता है, बल्कि रैश ड्राइविंग और अन्य अपराधों के लिए भरी जुर्माना भी लगा जा सकता है। रेसिंग और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने पर ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त किया जा सकता है।

5. ओवरलोडिंग
ओवरलोड वाहन सड़क पर टाइमबम की तरह होते हैं। भारत में ट्रक ड्राइवर ज्यादा कमाई के लिए ट्रकों में सिमा से अधिक सामन लाद लेते हैं, जो हाईवे और व्यस्त सड़कों पर दुर्घटना का कारण बनता है। तेज रफ़्तार में चल रहे ओवरलोड ट्रक ब्रेक देने पर समय पर नहीं रुकते हैं जिससे सामने चल रहे वहां से टक्कर हो जाती है। ओवरलोड वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं जिससे दबकर दूसर वहां में बैठे लोगों की मौत हो जाती है।


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