मुंबई की बारिश में कार का 'स्नॉर्कल' जुगाड़: कहीं इंजन न हो जाए बर्बाद!
बुधवार, 1 जुलाई को मुंबई की बारिश के वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। कई वायरल वीडियो में गाड़ियां 'स्नॉर्कल' (snorkel) के सहारे गहरे पानी को पार करती दिख रही हैं। इन क्लिप्स को देखकर ऐसा लग सकता है कि जुगाड़ वाली वॉटरप्रूफिंग कार को डूबने से बचा लेगी, लेकिन कार मालिकों को इसके पीछे के असली मैकेनिकल खतरों को समझना चाहिए। सिर्फ स्नॉर्कल लगा लेने भर से आपकी साधारण कार पूरी तरह वॉटरप्रूफ नहीं हो जाती।
बेहतर कूलिंग और हवा के बहाव के लिए कारों के एयर इनटेक (air intakes) आमतौर पर नीचे की तरफ दिए जाते हैं। अगर इस पाइप में पानी चला जाए, तो इंजन 'हाइड्रो-लॉक' हो सकता है, जिससे वह पूरी तरह ठप पड़ सकता है। आजकल की ज्यादातर आधुनिक कारों में एक जटिल इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) होती है। इसके अलावा, पानी एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के सेंसर्स को भी नुकसान पहुंचा सकता है। भले ही आप एयर इनटेक की ऊंचाई बढ़ा दें, लेकिन ये नाजुक हिस्से फिर भी खतरे में रहते हैं।

स्नॉर्कल मॉडिफिकेशन और जुगाड़ वाले तरीकों के खतरे
गाड़ी मालिक अक्सर यह भूल जाते हैं कि हर मॉडल की पानी में चलने की क्षमता (wading depth) अलग-अलग होती है। महिंद्रा थार जैसी पॉपुलर एसयूवी, साधारण हैचबैक के मुकाबले पानी में बेहतर सुरक्षा देती हैं। हालांकि, गाड़ी में स्नॉर्कल लगवाने के लिए आरटीओ (RTO) की मंजूरी लेना अनिवार्य है। बिना सही कागजात के, इंश्योरेंस कंपनियां आपके नुकसान का क्लेम रिजेक्ट कर सकती हैं। साथ ही, कंपनी के ओरिजिनल एयर सिस्टम में बदलाव करने से आपकी वारंटी भी खत्म हो सकती है।
| गाड़ी का मॉडल | अनुमानित वेडिंग डेप्थ (Wading Depth) |
|---|---|
| Mahindra Thar | 650 mm |
| Scorpio-N | 500 mm |
| Tata Nexon | 300 mm |
| Maruti Jimny | 310 mm |
पानी से भरी सड़कों पर गाड़ी चलाते समय रफ्तार एक समान रखें और लोअर गियर का इस्तेमाल करें। इंजन की स्पीड (RPM) ज्यादा रखने से साइलेंसर के जरिए पानी अंदर नहीं घुस पाता। अगर पानी पहिए के हब (wheel hub) तक पहुंच जाए, तो तुरंत वापस मुड़ जाना ही समझदारी है। गीली सड़कों पर बेहतर ग्रिप के लिए टायर की ग्रिप और प्रेशर जरूर चेक करें। याद रखें, सावधानी बरतने में ही भलाई है, क्योंकि इंजन का काम कराना बहुत महंगा सौदा साबित हो सकता है।
मुंबई की भारी बारिश के दौरान सोशल मीडिया ट्रेंड्स अक्सर खतरनाक ड्राइविंग को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं। असली सुरक्षा आपकी कार की तकनीकी सीमाओं को जानने में है। ऐसे वायरल हैक्स के चक्कर में न पड़ें जो आपकी गाड़ी की लाइफ खराब कर दें। जलभराव वाली सड़कों से दूर रहना ही अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखने का सबसे स्मार्ट तरीका है। किसी भी वायरल मानसून वीडियो से कहीं ज्यादा आपकी सुरक्षा मायने रखती है।


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