इस शख्स़ ने खास तकनीक से Toyota Innova Crysta कार को बना दिया सेल्फ-ड्राइविंग कार, इसके आगे Tesla भी फेल!
इनोवा क्रिस्टा भारतीयों की पसंदीदा टोयोटा कार कही जा सकती है। यह एक एमपीवी कार मॉडल है। परिवार के साथ लंबी यात्रा के लिए यह सबसे अच्छे कार मॉडलों में से एक है। लेकिन यह कोई सेल्फ-ड्राइविंग कार नहीं है।
हालांकि केरल के एक युवक ने रेगुलर टोयोटा इनोवा कार को ड्राइवरलेस कार में बदल दिया है। बता दें कि सेल्फ-ड्राइविंग कारें अभी तक भारत में पूरी तरह से चालू नहीं हुई हैं।
हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे दुनिया के कुछ अग्रणी देशों में ऐसे वाहन उपयोग में आने लगे हैं। वेमो नामक कंपनी ऐसी टैक्सियों का संचालन कर रही है जो पूरी तरह से बिना चालक के चलती हैं।
ऐसे में केरल के इस शख्स ने कमाल कर दिया है। वह कई सालों से इस पर काम कर रहे हैं, इनोवा सेल्फ-ड्राइविंग कार फिलहाल तैयार है। बता दें कि केरल के एक उद्यमी और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजिस्ट रोशी जॉन इस ड्राइवरलेस कार का निर्माण किया है।

वह केरल में RoshAi नाम की कंपनी चला रहे हैं। इसके निर्माण की पीछे की वजह के बारे में बात करते हुए उन्होने कहा कि उनके अतीत की एक घटना ने उन्हें इस सेल्फ-ड्राइविंग कार को विकसित करने के लिए प्रेरित किया है।
वह कुछ साल पहले दक्षिण कोरिया से भारत लौटे थे। जहां उन्होंने बेंगलुरु से टैक्सी ली और दूसरी जगह के लिए निकल पड़े। उन्होंने बताया कि लगभग रात के 2 बजे होंगे और उस वक्त ड्राइवर थका हुआ था और उसे नींद आ गई।

ऐसे में कार डिवाइडर से टकरा गई। यह वह घटना थी जिसने रोशी जॉन को सेल्फ-ड्राइविंग कार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। हालांकि इस घटना में वाहन की गति थोड़ी धीमी थी इसलिए कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ था।
इस घटना के बाद, रोशी और उनकी टीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक विकसित करने की ठानी। इस तकनीक के जरिए ही टोयोटा इनोवा बिना ड्राइवर के चलने की क्षमता रखती है। टीम ने सबसे पहले इस तकनीक को टाटा नैनो कार में लागू किया था।

इसमें मिली सफलता के बाद उन्होंने इसे टोयोटा इनोवा में लागू करना शुरू कर दिया। यह अब बहुत अच्छे से काम करने लगा है। इस कार का परीक्षण कोच्चि के उलाला इन्फोपार्क की सड़कों पर किया जा रहा है।
कार में 360-डिग्री कैमरा, रडार और सेंसर कार के चारों ओर लगाए गए हैं।ये कार को टकराव को रोकने, सड़क की निगरानी करने और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचने में मदद करते हैं। साथ ही इस कार में पर्यावरण के अनुकूल एआई कोड भी जोड़े गए हैं।

इनोवा क्रिस्टा को प्रोटोटाइप मॉडल के तौर पर तैयार किया जा रहा है। हालांकि इस प्रकार की सेल्फ-ड्राइविंग कारों को भारत में संचालन के लिए अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। अगर मंजूरी मिल गई तो भारत में जल्द ही सेल्फ-ड्राइविंग कारों का इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।


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