एम्बुलेंस को नहीं दे रहा था आगे जाने की जगह, कार ड्राईवर पर लगा बड़ा फाइन
हाल ही में मैसूर, कर्नाटक में एक 85 वर्षीय बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जा रहे एम्बुलेंस को जगह नहीं देने की वजह से कार ड्राईवर पर फाइन लगाया गया है। कार ड्राईवर पर 11,000 रुपये का फाइन लगाया गया है। बीमार व्यक्ति अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया।

मैसूर सिटी असिस्टेंट, पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) ने बताया कि कार ड्राईवर जयनाथ पर इमरजेंसी वाहन को रास्ता ना देने की वजह से 10,000 रुपये तथा खतरनाक ड्राइविंग के चलते 1000 रुपये का फाइन लगाया गया है। उस पर मोटर वाहन एक्ट, 2019 के तहत फाइन लगाया गया है।

22 अगस्त को 85 वर्षीय को चंद्रशेखर आचार्य को जब हार्ट अटैक आया और एम्बुलेंस में मैसूर के अस्पताल ले जाया जा रहा था। करीब रात 8।30 बजे एम्बुलेंस जब मैसूरू रोड के हुन्सुर रोड पर जब पहुंची तो ड्राईवर ने देखा कि एक कार ने रोड को ब्लाक कर रखा है, जिसे जयनाथ चला रहे थे।

बताया जा रहा है कि एम्बुलेंस ने कई बार हॉर्न दिया तथा सायरन भी लगातार चल रहा था लेकिन इसके बावजूद भी जयनाथ ने अपनी कार सड़क से नहीं हटाई। जयनाथ ने कार को सड़क पर ही लगा रखी थी जिस वजह से रास्ता बंद हो गया था।

एम्बुलेंस के ड्राईवर किशोर ने नीचे आकर जयनाथ से रास्तें से हटने की अपील भी की लेकिन उसका कुछ फायदा नहीं हुआ, यहां तक कि जब मरीज के रिश्तेदारों ने भी उतरकर जयनाथ से प्रार्थना भी की, लेकिन उसने रास्तें से हटने से मना कर दिया।

इस बहसबाजी के बीच 15 मिनट का समय व्यर्थ चला गया और जब तक एम्बुलेंस अस्पताल पहुंची मरीज को पहुंचने के पहले ही मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टर ने कहा कि अस्पताल में पहुंचने की देरी की वजह से उनकी जान गयी है।

जहां ऐसे कंडीशन में एक-एक सेकंड कीमती होता है, जयनाथ के कारण 15 मिनट का नुकसान हो गया और एक व्यक्ति की जान चली गयी, जिसे समय पर अस्पताल ले जाकर शायद बचाया जा सकता था। इस पर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए फाइन लगाया है।

बतातें चले कि पिछले साल मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन किया गया है तथा कई बदलाव लाये गये हैं जिसमें इमरजेंसी वाहनों को रास्ता ना देने वालों पर फाइन का प्रावधान लाया गया है। इमरजेंसी वाहनों में एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस आदि के वाहन शामिल है।
सभी चित्र प्रतीकात्मक


Click it and Unblock the Notifications