कोई धंधा नहीं फिर भी 7.5 करोड़ रुपए कमाती है दिल्ली की ट्रैफिक पुलिस
दिल्ली की ट्रैफिक पोलिस हर महीने करीब 7.25 करोड़ रुपए कमाती है। लेकिन कैसे आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
ट्रैफिक पुलिस, पुलिस विभाग का ही एक हिस्सा है और यह सभी जानते हैं कि उनके पास ड्यूटी के अलावा कमाई का अपना कोई सोर्स नहीं हैं। लेकिन यह अर्धसत्य है। पूरा सत्य यह है कि ट्रैफिक पुलिस की कमाई का भी सोर्स है और उसकी इनकम किसी एमएनसी कम्पनी से कम नहीं।

जी हां, आपको जानकार भले आश्चर्य होगा लेकिन यह सत्य है कि दिल्ली के ट्रैफिक पोलिस की कमाई करोड़ों की है और यह सब संभव होता है। ट्रैफिक चालान में काटी गई चालान की राशि की वजह से। एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की ट्रैफिक पोलिस की मंथली इनकम(केवल चालान से प्राप्त वाली मुद्रा) 7.5 करोड़ है।

हिंदी समाचारपत्र वनभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अपनी इस आदत के लिए दिल्ली के लोग हर महीने जुर्माने के रूप में 7.5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी भरते हैं। जुर्माना वसूलने में ट्रैफिक पुलिस की साउथ रेंज सबसे ऊपर है। इस रेंज में एक दिन में 6 लाख 75 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।

रिपोर्ट के मुताबिक नियम तोड़ने वालों में सबसे ज्यादा व्यक्ति टूव्हीलर वाले होते है। इसके बाद दूसरा नंबर पर कार सवार की बारी आती हैं। इस बारे में ट्रैफिक पुलिस के एक अफसर का कहना है कि दिल्ली में रहने वाले लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करने में अपनी तौहीन समझते हैं।

पोलिस के मुताबिक रेडलाइट जंप करना, ट्रिपल राइडिंग, बगैर हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाना और ड्राइविंग करते हुए मोबाइल फोन पर बात करना लोगों की आदत में शामिल हो चुका है। लोगों की यही लापरवाही दिल्ली की सड़कों पर हादसों की वजह बनती है।

दोपहिया सवार व्यक्ति सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं। रिपोर्ट बताती है कि ट्रैफिक पुलिस ने 8 अगस्त को एक ही दिन में दिल्ली भर में 6840 लोगों के चालान काटी है। इसके बाद दूसरे नंबर पर कार चलाने वाले है। ट्रैफिक पुलिस ने अलग-अलग अपराधों में 3546 लोगों के खिलाफ एक्शन लिया।

इसके बाद नंबर आता है लाइट गुड्स वीकल (एलजीवी) का। ट्रैफिक पुलिस ने 3383 गाड़ियों के खिलाफ एक्शन लिया। ऐसे में एक दिन में करीब 20-25 हजार चालान किए गए। जहां से कई लाख का फायदा हुआ । इस बारे में अफसर ने बताया कि 8 अगस्त को ट्रैफिक पुलिस ने नियम तोड़ने वाले लोगों से एक दिन में 26 लाख का जुर्माना वसूला गया।

बताया जा रहा है कि जुर्माना वसूलने में साउथ रेंज सबसे ऊपर रही। इस रेंज में 6,75,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं वेस्टर्न रेंज 5,81,000 रुपये के जुर्माने के साथ दूसरे नंबर पर रही। आउटर रेंज 5,47,000 रुपये के साथ तीसरे नंबर पर रही।

दूसरे और ईस्टर्न रेंज की बात करे तो यहां 3,31,000 और सेंट्रल रेंज में तीन लाख 3800 रुपये जुर्माना वसूला गया। सबसे कम जुर्माना नार्दर्न रेंज में वसूला गया। यहां से 1,79,000 रुपये के साथ यह रेंज सबसे पीछे रही।

Drivespark की राय
ट्रैफिक नियम को तोड़ने में हम भारतीय लोग अपनी शान समझते हैं लेकिन यह न केवल हमारी गंदी आदत को दर्शाती है बल्कि दूसरे की परेशानी का सबब भी बन जाती है।
इससे कभी ट्रैफिक जाम तो कभी कभी इससे हादसे भी होते रहते हैं। इसलिए इस गंदी आदत को अवाइड करने की जरूरत है।
नोट- आर्टिकल की कुछ तस्वीरें सहयोगी संस्थान हिंदी वनइंडिया और कुछ तस्वीरें गूगल से साभार ली गई है।


Click it and Unblock the Notifications