Pollution In Delhi: हरियाणा से दिल्ली आने वाले इन वाहनों पर लग सकता है बैन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वाहनों से बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार ने हरियाणा सरकार से सहयोग की अपील की है। दिल्ली सरकार ने हरियाणा से आने वाले पुराने वाहनों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। हरियाणा ट्रांसपोर्ट विभाग को लिखे एक पत्र में दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 10 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के आने पर रोक लगाई है। दिल्ली में सभी डीजल बसों को सीएनजी में बदल दिया गया है लेकिन दूसरे राज्यों से आने वाली बसें शहर को प्रदूषित कर रही हैं।

इस पत्र में दिल्ली सरकार ने 1 अक्टूबर, 2022 से हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों से आने वाले केवल बीएस-6 वाहनों को अनुमति देने का अनुरोध किया है। आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर 2018 को एक सुनवाई में 1 अप्रैल, 2020 से देश में बीएस-4 वाहनों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। जिसके बाद से अब केवल बीएस-6 वाहन ही बेचे जा रहे हैं।

दिल्ली में ट्रकों पर लगा बैन
हर साल सर्दियों में होने वाले प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए अब दिल्ली सरकार पहले से ही इससे निपटने की तैयारी में जुट गई है। दिल्ली परिवहन विभाग ने अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सर्दियों के दौरान बैन लगाने का ऐलान कर दिया है। दिल्ली में इस साल अक्टूबर से फरवरी 2023 के बीच ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के शहर में प्रवेश बंद रहेगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में लगभग 70,000-80,000 ट्रक हर दिन प्रवेश करते हैं। जिन वाहनों को शहर में अनुमति दी जाएगी उनमें सीएनजी और बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं। इसके अलावा सब्जियां, फल, अनाज, अंडे, बर्फ, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों जैसे आवश्यक सामान ले जाने वाले सभी ट्रकों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। पेट्रोलियम उत्पादों को ले जाने वाले टैंकर भी प्रतिबंध से बाहर हैं।

आपको बता दें कि हर साल सर्दियों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता खतरनाक रूप से निम्न स्तर पर पहुंच जाती है। दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने के कारण पार्टिकुलेट मैटर 2.5 (पीएम 2.5) सबसे खतरनाक स्तर को भी पार कर जाता है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के सांस लेने में दिक्कत और फेंफड़े से जुड़ी कई बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में आज सुबह आठ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 131 दर्ज किया गया जो मध्यम श्रेणी का था। हवा की गुणवत्ता के लिए सीपीसीबी वायु गुणवत्ता सूचकांक जारी करती है जो कि हवा में पार्टिकुलेट मैटर और कई अन्य तरह की गैसों और प्रदूषण के स्तर को माप कर तैयार किया जाता है।

एक्यूआई इंडेक्स के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 को 'संतोषजनक', 101 और 200 को 'मध्यम', 201 और 300 को 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 और 500 को 'गंभीर' माना जाता है।

राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 2016 में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला सुनाया था। एनजीटी के दिशानिर्देशों के अनुसार दिल्ली सरकार ने 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली परिवहन विभाग अब ऐसे वाहनों को पीयूसी जारी नहीं कर रहा है।


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