वाहन का कटा है चालान तो अब होगा माफ, लगने जा रहा है ‘लोक आदालत’, जानें चालान माफ करवाने की प्रक्रिया
अगर आप राजधानी दिल्ली में रहते हैं और आपकी गाड़ी का चालान (Challan) कट चुका है, तो आपके पास इसे माफ करवाने का सुनहरा मौका है। दरअसल, दिल्ली यातायात पुलिस (Delhi Traffic Police) आगामी 14 मई, 2022 (शनिवार) को 'लोक अदालत' लगाने जा रही है। इस अदालत में आपके वाहन पर कटे चालान का निपटारा किया जाएगा।

बता दें कि यह लोक अदालत 14 मई को सुबह 10 बजे से शाम 3.30 बजे तक लगाई जाएगी। इस दौरान आपके पास अपने चालान को माफ करवाने का सुनहरा मौका होगा। हालांकि, यहां सीधे जाते ही चालान का निपटारा नहीं किया जाएगा, बल्कि यहां पहुंचने से पहले आपको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। चालान के निपटारे के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इसके लिए आपको अपनी गाड़ी का नंबर दिल्ली पुलिस की लोक अदालत की वेबसाइट पर दर्ज करवा कर बुकिंग करनी होगी।

लोक अदालत में ऐसे करें ऑनलाइन बुकिंग
अगर आपकी गाड़ी का चालान कटा है, तो 14 मई को सीधे लोक अदालत में जाने से पहले आपको बुकिंग करानी होगी। आपको बुकिंग के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की लोक अदालत की वेबसाइट (http://delhitrafficepolice.nic.in/notice/lokadalat) पर जाना होगा। यह लिंक 11 मई, 2022 को सुबह 10 बजे से काम करना शुरू करेगा। इस लिंक पर जाकर आपको अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करके बुकिंग करनी होगी। जिसके बाद आपको एक ऑनलाइन नोटिस जारी की जाएगी। आपको नोटिस और चालान की कॉपी प्रिंट करवाकर अपने पास रखना है। इसके बाद नोटिस पर दर्ज समय और तारीख पर कोर्ट परिसर में उपस्थित होना है।

किन लोगों के चालान होंगे माफ?
इस बार केवल उन चालान का निपटारा किया जा रहा है जो 31 जनवरी 2022 तक काटे गए हैं। अगर आपकी गाड़ी का चालान इस तारीख के बाद का है तो इसका निपटारा अभी नहीं किया जाएगा। उपभोक्ता अपने वाहन पर कटे चालान की जानकारी https://delhitrafficpolice.nic.in/notice/pay-notice पर देख सकते हैं।

क्या है लोक अदालत?
लोक अदालत एक ऐसा तंत्र है जिसे कानूनी विवादों को अदालत से बाहर हल करने के लिए शुरू किया गया था। यह मामलों के निपटारे का वैकल्पिक माध्यम है। यह कम से कम वक्त में विवादों को निपटाने के लिए एक आसान और अनौपचारिक प्रक्रिया का पालन करता है। लोक अदालत का आदेश या फैसला आखिरी होता है। इसके फैसले के बाद कहीं अपील नहीं की जा सकती। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस यातायात संबंधित मामलों के निपटारे के लिए बीच-बीच में लोक अदालत का आयोजन करती रहती है।

आपको बता दें, सरकार ने मोटर वाहन से संबंधित सड़क हादसों में इंश्योरेंस क्लेम करने के नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार, अगर वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होने के पहले किसी भी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो उन्हें इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से मना कर सकती है।

इन उल्लंघन के मामलों में क्षमता से ज्यादा सवारी को ऑटोरिक्शा में बैठाना, बाइक पर तीन सवारी बैठाना, बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाना, गलत साइड में ड्राइविंग, नशे में गाड़ी चलाना, वाहन चलाते समय फोन पर बात करना और अधिक स्पीड में गाड़ी चलाना, सीटबेल्ट नहीं लगाना और रिश्वत देने जैसे मामलों को शामिल किया गया है।

भारत उन देशों में शामिल है जहां सबसे सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें होती हैं। परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर साल लगभग 4.50 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1.50 लाख लोगों की मौतें होती हैं। यह आंकड़ा दुनिया भर में किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक है। भारत में अपंगता के लिए सड़क दुर्घटनाओं को मुख्य कारण बताया गया है।


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