प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, फिर लागू हो सकता है ऑड-ईवन रूल?
हर साल की तरह एक बार फिर सर्दियों के आते ही दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ने लगी है। इससे निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस खासकर ऐसे पुराने वाहनों पर जुर्माना लगा रही है जो अपनी समय सीमा पार कर चुके हैं। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस ने 170 जगहों स्पेशल टीम तैनात की है।

प्रदूषण से निपटने के लिए बनाई स्पेशल टीम
दिल्ली पुलिस की यह टीम विभाग पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के वैद्य प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाण पत्र की जांच कर रही है। पीयूसी के वैद्य नहीं पाए जाने पर वाहनों को जब्त किया जा रहा है। ट्रैफिक सर्किल में 170 चिन्हित स्थानों में से प्रत्येक पर, विभाग ने तीन अलग-अलग स्थानों पर टीमों को तैनात किया है ताकि यह जांचा जा सके कि किसी वाहन का पीयूसी है या नहीं। इनमें से अधिकतर स्पॉट पेट्रोल पंपों के पास स्थित हैं जहां वाहनों की आसानी से जांच की जा सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को वैद्य पीयूसी तुरंत प्राप्त करने की सलाह भी दी है।

जल्द बनाएं वैद्य पीयूसी
बता दें कि अक्टूबर में, दिल्ली परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र नहीं थे। राष्ट्रीय राजधानी में मोटर चालकों को ईंधन स्टेशनों पर तैनात टीमों को पीयूसी दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया था।

यातायात विभाग की टीमों ने इस साल 1 जनवरी से 31 अक्टूबर तक पीयूसी प्रमाण पत्र उल्लंघन के लिए 59, 644 चालान और 10 और 15 साल पुराने वाहन चलाने वालों के खिलाफ 1,201 चालान जारी किये हैं। इस दौरान 855 वाहन भी जब्त किए जो इसी अवधि के दौरान 10 या 15 साल से ज्यादा पुराने थे।

परिवहन विभाग ऐसे ट्रकों पर भी कार्रवाई कर रही है जो बिना ढके निर्माण सामग्री के साथ ड्राइविंग करते पाए जा रहे हैं। इस दौरान कम से कम 873 ऐसे वाहनों का चालान किया गया है। इसके अलावा, ऐसे वाहन जो दिल्ली के नहीं है, उन्हें डाइवर्ट कर के राजमार्गों की ओर मोड़ा जा रहा है।

दिल्ली में ये वाहन हैं बैन
बता दें कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा वैद्य पीयूसी को भी अब अनिवार्य कर दिया गया है। अब बगैर वैद्य पीयूसी के वाहन चलाते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लग सकता है। यही नहीं, अगर वाहन का पीयूसी नहीं करवाया है तो 3 महीने तक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है।

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एक राज्य सरकार ने एक अहम बैठक की है, जिसमें प्रदूषण से निपटने के लिए कई गाइडलाइन बनाए गए हैं। इस बैठक में लोगों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे बस, ट्रेन और मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करें।

गाइडलाइन में डीजल जनरेटर का इस्तेमाल कम करने की बात कही गई है। वहीं सड़कों पर लगने वाले खानों के ठेले पर कोयले के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी गई है। खुले में कूड़ा जलाने वालों पर भी करवाई की जाएगी। प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में स्कूलों को भी 7 दिनों तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।

फिर से आ सकता है ऑड-ईवन नियम
दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सरकार गंभीरता से कदम उठा रही है। हालांकि, आस-पास के राज्यों में किसानों द्वारा पराली जलाने से दिल्ली की हवा खराब हो रही है। दिल्ली सरकार ने पहले भी लोगों से रेड लाइट में वाहन का इंजन बंद करने की अपील की थी और कहा था कि लोग अपने-अपने हिस्से का प्रदूषण कम करने पर ध्यान दें। अनुमान है कि अगर इन सभी उपायों के बाद भी प्रदूषण बढ़ता रहा, तो दिल्ली में एक बार फिर ऑड-ईवन नियम को लागू किया जा सकता है।


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