दिल्ली में स्पीड लिमिट तोड़ना पड़ रहा है भारी, एक सप्ताह में 48,000 वाहनों का कटा चालान
दिल्ली में ओवरस्पीडिंग करना अब वाहन चालकों को महंगा पड़ रहा है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 8 जून से निर्धारित नई गति सीमा का उल्लंघन करने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। नए नियमों का उल्लंघन करने के लिए पिछले सप्ताह के भीतर 48,000 से अधिक वाहनों पर जुर्माना लगाया गया था। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस 7 जून से 13 जून के बीच कुल 48,412 वाहनों का चालान काट चुकी है।

दिल्ली में नए यातायात नियम पिछले सप्ताह लागू हुए है, जिसमें सभी वाहनों की गति सीमा में संशोधन किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग, रिंग रोड और आईजीआई हवाई अड्डे जैसे महत्वपूर्ण इलाकों से गुजरने वाली कारों और दोपहिया वाहनों के लिए शहर में शीर्ष गति सीमा 60-70 किमी प्रति घंटे तय की गई है। वहीं रिहायशी इलाकों, बाजारों और सर्विस रोड पर अधिकतम गति सीमा 30 किमी प्रति घंटे पर सीमित की गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस गति सीमा का उल्लंघन करने वालों को चालान जारी करने के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल करती है। ओवरस्पीडिंग का पता लगाने के लिए सड़कों के ऊपर पोल में स्पीड डिटेक्टर कैमरा लगाए जाते हैं, जो किसी वाहन की गति का पता लगाता है और उसकी पुष्टि करता है।
इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस ट्राइपाॅड पर लगने वाले इंटरसेप्टर कैमरा का भी इस्तेमाल करती है इस तरह के कैमरे को किसी भी सड़क पर फिक्स किया जा सकता है। ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों को बैरिकेड्स पर रोक दिया जाता है जो कैमरा प्लेसमेंट से कुछ दूरी पर स्थापित होते हैं और ई-चालान मैन्युअल रूप से जारी किए जाते हैं। एक ही सेगमेंट के निजी और कमर्शियल वाहन के चालान को एक ही श्रेणी में लाया गया है।
इससे पहले, राष्ट्रीय राजमार्गों पर दोपहिया वाहनों की गति सीमा 70 किमी प्रति घंटे थी। नई गति सीमा दिल्ली में किसी भी सड़क पर दोपहिया वाहनों को 60 किमी प्रति घंटे से अधिक की अनुमति नहीं देती है, जबकि कुछ सड़कों पर यह 50 किमी प्रति घंटे है।
2011 के बाद से राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर गति सीमा में यह पहला बड़ा संशोधन है। 2017 और 2019 में भी कुछ सड़कों पर गति सीमा में मामूली बदलाव किया गया था।


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