दिल्ली में लग्जरी गाड़ियों का बड़ा खेल: 31 कारों के साथ पकड़ा गया हाई-टेक गैंग
दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 31 लग्जरी कारें और एसयूवी बरामद की हैं, जिन्हें दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से चुराया गया था। पुलिस ने कार मालिकों को इन हाई-टेक चोरों से अलर्ट रहने की चेतावनी दी है। उत्तर भारत में सक्रिय अपराधियों के इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ होना एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
दिल्ली में महंगी एसयूवी चोरी की बढ़ती वारदातों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच टीम ने एडवांस डिजिटल उपकरणों की मदद से चोरी की गई गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक की। जांच में सामने आया कि यह गैंग खास तौर पर उन्हीं मॉडल्स को निशाना बनाता था, जिनकी बाजार में काफी डिमांड है। इस रणनीति की वजह से वे चोरी की गाड़ियों को बहुत जल्दी बेच देते थे। इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियों की बरामदगी स्थानीय पुलिस के लिए बड़ी जीत है।

कार चोरी के इस बड़े रैकेट में इस्तेमाल होते थे हाई-टेक तरीके
यह अपराधी गिरोह कार की चाबियां कॉपी करने के लिए नए जमाने के स्कैनिंग डिवाइस का इस्तेमाल करता था। वे आधुनिक एसयूवी के डिजिटल सिक्योरिटी सिस्टम को महज कुछ ही मिनटों में बायपास कर देते थे। इस तरीके से चोरी करने पर गाड़ी में तोड़फोड़ का कोई निशान नहीं मिलता था और चोर बिना किसी की नजर में आए गाड़ी लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। यही शातिर तरीका उनकी लंबी फरारी का राज था।
गाड़ी चोरी करने के बाद उसकी पहचान बदलने का खेल शुरू होता था। गैंग के सदस्य इंजन और चेसिस से पुराने आइडेंटिफिकेशन नंबर हटा देते थे। उनकी जगह पुरानी या पूरी तरह कंडम हो चुकी गाड़ियों के नंबर डाल दिए जाते थे। इस जालसाजी से चोरी की गाड़ियां सरकारी रिकॉर्ड में एकदम असली नजर आने लगती थीं। इसी चालाकी की वजह से ये अपराधी अब तक पुलिस की पकड़ से दूर थे।
बरामद हुई लग्जरी एसयूवी और पॉपुलर मॉडल्स की लिस्ट
पुलिस द्वारा बरामद की गई ज्यादातर गाड़ियां हुंडई क्रेटा जैसे पॉपुलर मॉडल्स हैं। चोरों के निशाने पर किया सेल्टोस और मारुति ब्रेजा जैसी गाड़ियां भी रहती थीं। आज के समय में सेकंड हैंड कार मार्केट में इन मॉडल्स की जबरदस्त डिमांड है। गिरोह फर्जी कागजात तैयार कर इन गाड़ियों को नए खरीदारों को बेच देता था, जिससे उन्होंने अवैध तरीके से मोटी कमाई की।
| कार मॉडल | कैटेगरी | डिमांड लेवल |
|---|---|---|
| हुंडई क्रेटा | कॉम्पैक्ट एसयूवी | बहुत ज्यादा |
| टोयोटा फॉर्च्यूनर | प्रीमियम एसयूवी | ज्यादा |
| किया सेल्टोस | कॉम्पैक्ट एसयूवी | ज्यादा |
| मारुति ब्रेजा | कॉम्पैक्ट एसयूवी | औसत |
छापेमारी के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में की-क्लोनिंग किट और उपकरण मिले हैं। इन किट्स का इस्तेमाल कार की रिमोट चाबियों के सिग्नल कॉपी करने के लिए किया जाता था। अधिकारियों को मौके से कई फर्जी दस्तावेज और खाली रजिस्ट्रेशन कार्ड (RC) भी मिले हैं। बरामद सामान से साफ पता चलता है कि यह गैंग बेहद प्रोफेशनल तरीके से काम कर रहा था। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कार चोरी के एक बड़े नेटवर्क पर लगाम लगी है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से कैसे सुरक्षित रहेंगे कार खरीदार?
पुरानी गाड़ी खरीदने वालों को हमेशा आधिकारिक मोबाइल ऐप्स के जरिए गाड़ी की डिटेल्स वेरिफाई करनी चाहिए। इंजन और चेसिस नंबर की बारीकी से जांच करें कि कहीं उनमें कोई बदलाव तो नहीं किया गया है। हमेशा भरोसेमंद डीलर्स या बड़े शोरूम से ही गाड़ी खरीदें। अगर कोई महंगी एसयूवी बहुत ही कम दाम में मिल रही हो, तो ऐसे सौदों से बचें। इन सावधानियों को बरतकर आप अपनी मेहनत की कमाई डूबने से बचा सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गैंग स्थानीय डीलर्स के जरिए गाड़ियां बेचता था। छोटे शहरों के कुछ कार डीलर्स अनजाने में इन चोरी की गाड़ियों को अपने यहां रखते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए जांच अभी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जैसे-जैसे चोरी की और गाड़ियां मिलेंगी, गिरफ्तारियों का आंकड़ा बढ़ सकता है। स्थानीय निवासियों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने आसपास संदिग्ध लोगों पर नजर रखें।
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से कार मालिकों ने राहत की सांस ली है। 31 गाड़ियों की बरामदगी इस चोरी के बड़े पैमाने को दर्शाती है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब ऐसे अन्य गिरोहों पर कड़ी नजर रख रही हैं। हालांकि, अपनी गाड़ी की सुरक्षा को पुख्ता करना ही बचाव का सबसे बेहतर तरीका है। भारत में कार चोरी के खिलाफ यह लड़ाई अब पूरी तरह से 'टेक बैटल' बन चुकी है।


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