दिल्ली में मुफ्त में छूटेंगे जब्त वाहन, सरकार ने माफ किया कस्टडी शुल्क
दिल्ली सरकार ने यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा जब्त किए गए वाहनों पर हिरासत शुल्क माफ करने की घोषणा की है। यह छूट इस साल 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। यह उन मालिकों के लिए राहत की बात है जिनके वाहन जब्त कर लिए गए हैं और अभी भी बरामद होने का इंतजार कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने कहा है कि यह फैसला कोविड-19 महामारी को देखते हुए लिया गया है। भारत सरकार द्वारा 17 जून को जारी एक एडवाइजरी के अनुसार, दिल्ली रखरखाव और पार्किंग प्रबंधन नियम 2019 के नियम 16 के तहत लगाए गए पार्किंग / कस्टडी शुल्क माफ कर दिए गए हैं। इस फैसले के बाद जब्त किये गए वाहनों को छुड़ाने पर पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।

यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली सरकार ने इस तरह की छूट का आदेश दिया है। पिछले साल भी, कोविड-19 महामारी के दौरान दिल्ली में वाहन मालिकों के लिए इसी तरह की छूट का आदेश दिया था।

दिल्ली में किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा जब्त किये गए वाहन को 48 घंटे के भीतर नहीं छुड़ाने पर कस्टडी शुल्क लिया जाता है। वाहन के प्रकार के आधार पर कस्टडी शुल्क 200 रुपये से 1,500 रुपये प्रतिदिन तक हो सकता है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग ने बुरारी, द्वारका और सराय काले खां जैसे इलाकों में हजारों वाहन जब्त किए हैं।

बता दें कि कई वाहन मालिक लॉकडाउन और अन्य कोविड-19 संबंधित प्रतिबंधों के कारण इन दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं करा सके। ऐसे में केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जैसे वाहन से जुड़े सभी दस्तवेजों की वैद्यता को 30 सितंबर 2021 तक बढ़ा दिया है।

वाहन से संबंधित दस्तावेजों की वैद्यता बढ़ने से पुलिस कस्टडी में रखे वाहनों की वैद्यता स्वतः ही बढ़ गई। जिसके बाद कस्टडी शुल्क माफ करने का आदेश जारी किया गया। दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग का कहना है कि कई वाहन मालिकों ने कोरोना प्रतिबंधों के वजह से अपने वाहनों की समय पर जमानत नहीं करवाई जिससे उनका कस्टडी शुल्क काफी बढ़ गया है। लॉकडाउन के पहले जब्त पड़े एक वाहन का कस्टडी शुल्क 2 लाख रुपये हो गया है।

बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण को कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के मकसद से दिल्ली सरकार ने पिछले महीने 4000 इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा को चलाने की अनुमति दी है। इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही सभी सीएनजी स्टेशनों पर चार्जिंग पॉइंट और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की शुरुआत करेगी।

दिल्ली में 7 अगस्त, 2020 को इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा की गई है। दिल्ली सरकार ने 2024 तक सभी नए वाहनों में 24 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर रजिस्ट्रेशन और रोड टैक्स में छूट के साथ सब्सिडी भी दे रही है।

मौजूदा समय में दिल्ली में 95,000 रजिस्टर्ड सीएनजी ऑटो चलाये जा रहे हैं। इन ऑटो की अधिकतम संख्या 1 लाख तक की जा सकती है। दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग ने इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 जुलाई से शुरू कर दी है। जहां सीएनजी ऑटो रिक्शा के कीमत 2-2.25 लाख रुपये है वहीं इलेक्ट्रिक ऑटो 1.5 लाख रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हो जाती है।


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