Dancing Scorpio Seized: नाचती हुई यह स्काॅर्पियो हुई जब्त, पुलिस ने काटा 41,500 रुपये का चालान
उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने आज एक मॉडिफाइड स्कॉर्पियो को जब्त किया है। इस कार पर मॉडिफिकेशन कराकर आराजकता फैलाने के आरोप में जब्त किया गया है। पुलिस ने कार के मालिकपर के मालिक पर कार्रवाई करते हुए उसे 41,500 रुपये का भारी भरकम चालान भी रसीद कर दिया है। यह स्कॉर्पियो गाजियाबाद पुलिस की नियामत चेकिंग के दौरान पकड़ ली गई।

जब्त की गई इस स्कॉर्पियो को डांसिंग स्कॉर्पियो कहा जा रहा है जिसका वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल भी हो रहा है। दरअसल, इस कार के जब्त होने का यह भी एक मुख्य कारण है। इस स्कॉर्पियो के अंदर बड़े-बड़े स्पीकर लगाए गए हैं जिसपर इसका ड्राइवर गाना बजाकर रास्ते में जाता हुआ पकड़ा गया है।

इस स्कॉर्पियो को इस तरह मॉडिफाई किया गया है कि यह गाना बजने के साथ ही उछलने लगती है, इसलिए इसे डांसिंग स्कॉर्पियो भी कहा जा रहा है। पुलिस ने बताया कि कुछ साल पहले यही स्कार्पियो सड़कों पर करामात करते हुए देखी गई थी। यह स्कॉर्पियो दिल्ली के नंबर की है और इसे इसका मालिक शादियों में किराये पर चलाता है।
शादियों में यह कार गाने तो सुनती ही है साथ में उछल कर सबका मनोरंजन भी करती है। कार के मालिक ने बताया कि समय और जगह के हिसाब से इस कार को शादियों में बुलाने का खर्च 15-20 हजार रुपये है।

पुलिस ने वाहन के दस्तावेजों की जांच की और पाया कि उनमें से कई गायब हैं। वाहन के खिलाफ आठ चालान काटे गए हैं। इसमें 10,000 रुपये ध्वनि प्रदूषण के लिए और 5,000 रुपये उचित दस्तावेजों की कमी के लिए काटे गए हैं। पुलिस ने जुर्माने की बची राशि के बारे में नहीं बताया है।
यह इस क्षेत्र में एकमात्र डांसिंग कार नहीं है। ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने अपने वाहनों को विवाह और कार्यक्रमों के लिए किराए पर देने के लिए मॉडिफाई कराया है। इस तरह वाहनों को भीड़ को आकर्षित करने के लिए बुलाया जाता है। इन वाहनों में तेज गाने बजाकर सड़क पर ही लोग डीजे का आनंद लेते हैं।

गाजियाबाद क्षेत्र में ऐसे वैन दिनो-दिन पॉपुलर होते जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के अपने फैसले में कहा गया है कि कार में किसी भी प्रकार के संशोधन जिसके लिए वाहन के स्ट्रक्चर में परिवर्तन करना पड़े वह गैरकानूनी है।

पुलिस के अनुसार, इस मॉडिफाइड महिंद्रा स्कॉर्पियो ने कई नियमों और कानूनों का उल्लंघन किया है। नए मोटर वाहन अधिनियम लागू होने के बाद पुलिस ऐसे लोगों से सख्ती से पेश आ रही है।

संरचनात्मक परिवर्तनों के अलावा, अन्य मॉडिफिकेशन जैसे कि अतिरिक्त-बड़े टायर लगाने, सहायक लैंप लगाने, प्रेशर हॉर्न, ऑफ-रोडिंग के लिए स्टील बम्पर और यहां तक कि बुलबार्स को भारत में प्रतिबंधित किया गया है।

नए कानूनों के अनुसार, मॉडिफिकेशन से वाहन का ढांचा कमजोर हो जाता है और कार को असुरक्षित बना देता है। इसके अलावा, आफ्टरमार्केट बुलबार और ऑफ-रोड स्टील बम्पर पैदल चलने वालों के लिए खतरा पैदा करते हैं क्योंकि ये सामान पैदल यात्री सुरक्षा नियमों के अनुरूप नहीं हैं। इसके अलावा, एयरबैग का कार्य बुलबार से प्रभावित होता है।

पुलिस ने यह नहीं कहा है कि जुर्माना चुकाने के बाद वाहन को मालिक को लौटा दिया जाएगा या नहीं। सामान्य तौर पर, मालिकों को मॉडिफाइड वाहन को ठीक करने को कहा जाता है और इसके लिए पुलिस क्षेत्रीय आरटीओ को जानकारी सौंपती है।


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