ओवरस्पीडिंग ने ले ली सायरस मिस्त्री की जान, नहीं लगाया था सीटबेल्ट
टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री से जुड़े दुखद दुर्घटना ने भारत में सड़क सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता पैदा कर दी है। साइरस की लग्जरी कार में चार यात्री सवार थे, जिसमें आगे बैठे यात्री बाल-बाल बच गए जबकि पीछे की सीट पर बैठे दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।
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यह दुर्घटना मुंबई से लगभग 110 किलोमीटर दूर सूर्य नदी के पुल पर हुई जब उनकी मर्सिडीज-बेंज जीएलसी एसयूवी एक डिवाइडर से टकरा गई।

मर्सिडीज-बेंज जीएलसी जिसमें चारों यात्री यात्रा कर रहे थे, एक लक्जरी एसयूवी है। यह मर्सिडीज-बेंज ब्रांड की सबसे लोकप्रिय मॉडलों में से एक है और इसे यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से सबसे सुरक्षित एसयूवी माना जाता है। मर्सिडीज-बेंज जीएलसी जो 220d 4Matic और 300 4Matic वेरिएंट में आती है और दोनों वेरिएंट्स को कठिन यूरो NCAP परीक्षणों में 5-स्टार रेटिंग के साथ उच्चतम सुरक्षा रेटिंग प्राप्त है।

यह एसयूवी मल्टीपल एयरबैग और कई तरह के सुरक्षा फीचर्स से लैस है ताकि दुर्घटना के समय नुकसान को कम से कम किया जा सके। इस एसयूवी में प्री-टेंशनर सीट बेल्ट है जो टकराव की आशंका में सीट बेल्ट को अपने आप कस देता है।

इस एसयूवी में कुल सात एयरबैग्स दिए गए हैं जो सर से लेकर पैर तक यात्रियों की सुरक्षा कर सकते हैं। इसमें सामने के यात्रियों के पैरों को बचाने के लिए भी एयरबैग दिए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि दुर्घटना अधिक रफ्तार में ड्राइविंग करने और नियंत्रण खोने से हुई। जानकारी के मुताबिक, सायरस मिस्त्री मुंबई आधारित स्त्री रोग विशेषज्ञ अनाहिता पंडोले और दो अन्य लोगों के साथ कार में सवार थे। यह कार अहमदाबाद से मुंबई जा रही थी। सायरस कार में पीछे की सीट पर बैठे हुए थे जबकि अनाहिता कार ड्राइव कर रही थीं।

जांच में पता चला कि अनाहिता काफी तेज रफ्तार में कार ड्राइव कर रही थीं और सामने चल रहे कार को ओवरटेक करने के प्रयास में उनकी कार एक डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सायरस के साथ पीछे बैठे व्यक्ति दोनों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अनाहिता और उनके साथ सामने बैठे व्यक्ति को गंभीर चोटें आयीं। फिलहाल दोनों का इलाज मुंबई के एक अस्पताल में चल रहा है।

रिपोर्ट में सामने आया है कि पालघर जिले से गुजरते समय कार ने केवल 9 मिनट में 20 किलोमीटर का सफर तय कर लिया था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उनकी कार 134 किमी/घंटा की तेज रफ्तार पर चल रही थी। यह भी बताया जा रहा है कि सायरस और उनके साथ पीछे बैठे व्यक्ति दोनों ने ही सीट बेल्ट नहीं लगाया था जिसके वजह से उन्हें टक्कर का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

सड़क सुरक्षा देश में चिंता का एक विषय बना हुआ है। चूंकि भारत में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घनाएं होती हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सड़कों को सबसे असुरक्षित माना गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से अधिक लोगों की जान गई और 4 लाख से अधिक घायल हुए।


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