कार की इस गड़बड़ी को 8 साल में भी ठीक नहीं कर पाई BMW, अब ग्राहक को भरेगी 26 लाख का हर्जाना
Court Orders BMW To Pay Rs 26 Lakh To Consumer: दिल्ली स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने जर्मन कार निर्माता बीएमडब्ल्यू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राहकों को कार की पूरी कीमत अदा करने का आदेश दिया है। कंज्यूमर कोर्ट के फैसले के बाद बीएमडब्ल्यू ग्राहक को कार की पूरी कीमत (26.3 लाख रुपये) का भुगतान करेगी।
क्या है मामला?
ग्राहक ने साल 2014 में नई बीएमडब्ल्यू 1 सीरीज हैचबैक खरीदी थी, लेकिन पांच महीनों के भीतर कार खराबी आ गई। इसके लिए जब ग्राहक ने कंपनी से संपर्क किया तो कंपनी ने कार को अपने मानेसर, हरियाणा स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर में जाँच के लिए बुलाया। जाँच में कंपनी को पता चला कि कार के ब्रेक में गड़बड़ी है।

बीएमडब्ल्यू 1 सीरीज को भारत में 2013 में लॉन्च किया गया था जिसे 2017 में बंद कर दिया गया। कंपनी ने कार को ग्राहक से मरम्मत के लिए भी मंगाया लेकिन उसे ठीक करने में नाकाम रही। लगभग 8 साल बाद भी कंपनी कार की गड़बड़ी को पूरी तरह ठीक नहीं कर पाई, जिसके बाद ग्राहक ने कंज्यूमर कोर्ट में कंपनी पर डिफेक्टिव कार बेचने का मामला दर्ज करवाया।
कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा, "वर्तमान मामले में विरोधी पक्षों ने न तो उक्त कार को बदला और न ही दोषों को ठीक किया। इसलिए, शिकायतकर्ता के तर्क के अनुरूप कंपनी ने सेवाओं में कमी की है।"
ग्राहक को मिलेगी कार की पूरी कीमत
नतीजतन, बीएमडब्ल्यू को अब शिकायतकर्ता को 1 सीरीज हैचबैक के लिए 26.3 लाख रुपये की कुल एक्स-शोरूम राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने ऋण पर ब्याज (2.26 लाख रुपये), मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 2 लाख रुपये, मुकदमे के खर्च के लिए 50,000 रुपये रुपये भुगतान करने का निर्देश जारी किया है। शिकायतकर्ता को वाहन की सर्विस और मेंटेनेंस के लिए 1.09 लाख रुपये, टायर बदलने के लिए 35,000 रुपये और 93,280 रुपये की बीमा राशि का भुगतान किया जाएगा।


Click it and Unblock the Notifications








