इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी देने में ये देश हैं सबसे आगे, जानें चीन, यूएसए, फ्रांस में कितनी है सब्सिडी
दुनिया भर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पेट्रोल-डीजल वाहनों से निर्भरता कम कर इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) को बढ़ावा दिया जा रहा है। आज कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में छूट या सब्सिडी (EV Subsidy) दे कर लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके वजह से पिछले कुछ वर्षों के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद-बिक्री को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार भी अपनी नीति के तहत लोगों को कई तरह के लाभ दे रही है। हालांकि, दुनिया के अन्य देशों की तुलना में भारत अभी इस मामले में काफी पीछे है। आइये जानते हैं दुनिया के किस देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर सबसे ज्यादा सब्सिडी या छूट मिलती है, (Countries With Highest EV Subsidy)

1.चीन
चीन दुनिया में इलेक्ट्रिक कारों का सबसे बड़ा उत्पादक है। यहां पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 100 फीसदी से भी ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है। चीन में इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण प्रतिबंधों या कुछ निश्चित दिनों में ड्राइविंग प्रतिबंध के अधीन नहीं हैं। यहां के कुछ मेगा सिटी में पेट्रोल-डीजल वाहनों को चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। चीन में 250 से 400 किलोमीटर की रेंज वाले इलेक्ट्रिक कारों को CNY 18,000 (तकरीबन 2.20 लाख रुपये) की सब्सिडी दी जाती है। वहीं 400 किलोमीटर से ज्यादा की रेंज वाली इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर CNY 25,000 (लगभग 3 लाख रुपये) की सब्सिडी का फायदा दिया जा रहा है।

2. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
चीन के बाद यूएसए इलेक्ट्रिक वाहनों पर सबसे ज्यादा प्रोत्साहन देने वाला दूसरा देश है। यहां इलेक्ट्रिक कार खरीदते समय, ईंधन की खपत पर निर्भर सभी संघीय करों को माफ कर दिया जाता है। इलेक्ट्रिक कारों के खरीदार भी 7,500 अमेरिकी डॉलर तक के संघीय टैक्स क्रेडिट के हकदार हैं। हालांकि, जैसे ही एक निर्माता की इलेक्ट्रिक कारों की कुल बिक्री दो लाख यूनिट तक पहुंच जाती है, उस मॉडल के लिए सब्सिडी समाप्त हो जाएगी। अभी तक सिर्फ दो कंपनियां ही इस सीमा तक पहुंच पाई हैं।

3. नॉर्वे
नॉर्वे इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने वाले देशों में सबसे आगे है। नॉर्वे में बिकने वाली तीन कारों में दो कारें इलेक्ट्रिक होती हैं। जनवरी 2022 में नॉर्वे में बिकने वाली कुल 8,000 कारों में से 6,500 कारें इलेक्ट्रिक थीं। यहां बैटरी और फ्यूल सेल पर चलने वाली कारों को इम्पोर्ट टैक्स से मुक्त रखा जाता है। इसके अलावा, नॉर्वे सरकार इलेक्ट्रिक कारों को 25 प्रतिशत की उत्पाद टैक्स से भी मुक्त रखती है। इस वजह से यहां इलेक्ट्रिक कारों की कीमत पेट्रोल-डीजल कारों के जितनी है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक कारों को पार्किंग शुल्क और टोल शुल्क में भी छूट दी जाती है।

4. जर्मनी
जर्मनी में 60,000 यूरो तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार पर 6,000 यूरो की सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक कार को पंजीकरण से 10 साल तक रोड टैक्स से मुक्त रखा जाता है। यही नहीं, जर्मनी की सरकार इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को आयकर में 1 प्रतिशत तक का छूट भी देती है।

5. फ्रांस
फ्रांस की सरकार वर्तमान में इलेक्ट्रिक कारों पर दो तरह के बोनस देती है, जिसमें पहला इकोलॉजिकल बोनस और और दूसरा कन्वर्जन बोनस। इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 6,000 यूरो का बोनस दिया जाता है, जबकि पुराना पेट्रोल-डीजल वाहन को स्क्रैप कराने पर 2,500 यूरो का बोनस मिलता है। कुल मिलाकर इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 8,500 यूरो का लाभ उठाया जा सकता है। भारतीय रुपयों के हिसाब से यह लगभग 7 लाख रुपये होते हैं।

6. नीदरलैंड
नीदरलैंड में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है। पंजीकरण कर वाहन के CO2 उत्सर्जन पर आधारित है। यहां पेट्रोल-डीजल कारों पर 2,500 यूरो तक का टैक्स लगाया जाता है।


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