कार का इंजन खराब होने से Jaguar की बढ़ी मुसीबत! अब कस्टमर को देना पड़ेगा 42 लाख रुपये का जुर्माना
नई कार खरीदना कोई सामान्य बात नहीं है। ऐसे में किसी ग्राहक के नई कार में समस्या आ जाए तो कितनी परेशानी होगी? लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा होने पर कोर्ट जाने पर आपको न्याय मिल सकता है।
हाल ही एक ऐसा मामला देखा गया है। दरअसल जेएलआर (JLR) के नाम से जानी जाने वाली लग्जरी कार निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर के लिए कार का इंजन एक मुसीबत बन गया है।

चेन्नई के एक कपड़ा शोरूम के मालिक को एक उपभोक्ता फोरम ने 55,000 रुपये के मुआवजे के साथ ही 42 लाख रुपये से ज्यादा मुआवजा या फिर नया इंजन लगाने का आदेश दिया है।
चेन्नई के एक कपड़ा शोरूम पोथिस के मालिक ने साल 2016 में जगुआर की एक लक्जरी कार खरीदी थी। यह सेडान कार 3.0 लीटर डीजल इंजन से लैस है। लेकिन उसका इंजन खराब हो गया। उस समय कार केवल 22,400 किलोमीटर ही चली थी।

वारंटी समय सीमा के अंदर इंजन में खराबी देखी गई। ऐसे में कार के इंजन को एक बार सही कर दिया गया, लेकिन इसमें फिर से खराबी आई और फिर शोरूम की ओर से इसे मुफ्त में बदलने के लिए मना कर दिया गया।
आयोग की ओर से कार निर्माता की दलीलों को खारिज करते हुए शोरूम के मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक जब कार के इंजन में खराबी आई तो वीएसटी एंड संस ने मुफ्त में इंजन बदलने से मना कर दिया क्योंकि वाहन अब वारंटी के दायरे में नहीं था।

एक साल से ज्यादा समय तक कार को सर्विस सेंटर में रखा गया और वापस नहीं किया गया। इसलिए पोथिस द्वारा वीएसटी एंड संस के खिलाफ चेन्नई (दक्षिण) जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज की।
इस दौरान स्वाभाविक रूप से दोषपूर्ण और दोषपूर्ण कार बेचने के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। इस संबंध में वीएसटी एंड संस ने जवाब देते हुए कहा कि कार का इस्तेमाल बहुत किया गया है।
इसके अलावा कमर्शियल एक्टिविटी और सही से देखभाल न करने पर इंजन में असामान्य टूट-फूट हुई। इसके अलावा कार को देरी से लौटाने के लिए शोरूम ने कोविड-19 लॉकडाउन को जिम्मेदार ठहराया।
इस मामले को लेकर जगुआर लैंड रोवर इंडिया ने आयोग को बताया कि पोथिस की ओर से इस दावा को लेकर कोई सबूत पेश नहीं किया गया है। हालांकि, शोरूम ने इनवॉइस मूल्य के 50 प्रतिशत यानी करीब 42.2 लाख रुपये पर इंजन बदलने की पेशकश की है।
जबकि, पोथिस की ओर से एक नई कार की मांग की गई है। इनकी दलीलों को खारिज करते हुए आयोग की ओर से 55 हजार रुपये के हर्जाने के साथ जुर्माना लगाने या इंजन को बदलने का आदेश दिया गया है।


Click it and Unblock the Notifications








