चीन ने बनाई दुनिया की पहली ड्राइवरलेस हाईस्पीड बुलेट ट्रेन, 350 किमी/घंटा है टॉप स्पीड
चीन ने 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली नई ड्राइवरलेस बुलेट ट्रेन का सफल परीक्षण किया है। इस ट्रेन को चीन के शहर बीजिंग और झांगजियाकौ के बीच चलाया जाएगा।

आपको बता दें कि इस ट्रेन को साल 2022 में होने वाले ओलंपिक खेलों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। इस ट्रेन की मदद से लगभग तीन घंटों में तय होने वाला सफर सिर्फ 47 मिनट में ही तय किया जा सकेगा।

चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक इसका परीक्षण सफल होने तक इस ट्रेन पर 56,496 करोड़ रुपए खर्च हो चुके है। चीनी रेलवे जिंग जैंग का कहना है कि इस ट्रेन में यात्रियों को खूबसूरत लाइटनिंग के साथ आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी।

चीन ने दावा किया है कि इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 217 मील (350 किलोमीटर) प्रति घंटा है। सबसे खास बात यह है कि यह ट्रेन बिना चालक की दुनिया की पहली स्मार्ट हाईस्पीड ट्रेन है। इस ट्रेन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया है।

चीन की जिंग जैंग रेलवे ने बताया कि इस ट्रेन को बनाने में करीब 4 साल का समय लगा है। जिंग जैंग के मुताबिक इस ड्राइवरलेस ट्रेन का नाम 'रिजुवेनेशन' रखा गया है। इस ट्रेन की हाई स्पीड को बरकरार रखने के लिए इसे निरंतर चलाया जाएगा।

इन बुलेट ट्रेन को बीजिंग और झांगजियाकौ के बीच 10 स्टेशनों पर रोका जाएगा। आपको बता दें कि ट्रेन अपने तय किए हुए समयानुसार स्टेशनों से चलेगी और रुकेगी। इसके साथ ही स्टेशनों की दूरी और समय के अनुसार रफ्तार में भी बदलाव करेगी।

हालांकि आपातकालीन स्थिति के लिए ट्रेन में एक ऑपरेटर मौजूद रहेगा। जिंग जैंग की माने तो इसे ट्रेन को फिलहाल अन्य ट्रैक पर चला कर टेस्ट किया जाएगा और साल 2021 तक हाईस्पीड ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का अहम हिस्सा बना दिया जाएगा।

इस ट्रेन में बेहतरीन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस ट्रेन में हर सीट पर वायरलेस चार्जिंग और टचस्क्रीन कंट्रोल पैनल की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही इस ट्रेन में लगातार डाटा और जानकारी साक्षा करने के लिए 2,718 सेंसर लगाए गए है।

इस ट्रेन पर चढ़ने के लिए स्टेशनों पर रोबोट और चेहरा पहचानने की तकनीक की मदद से यात्रियों को ट्रेन सीट दी जाएगी और उनके सामान को भी ट्रेन में सुरक्षित तरीके से रखा जाएगा।


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