चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के नजदीक शुरू की पहली बुलेट ट्रेन

चीन ने शुक्रवार को तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में अपनी पहली पूरी तरह बिजली से चलने वाली बुलेट ट्रेन सेवा को शुरू कर दी। इस हाई स्पीड रेलवे लाइन के जरिए तिब्बत की राजधानी ल्हासा और न्यिंगची को जोड़ा दिया गया है। रणनीतिक रूप से न्यिंगची अरुणाचल प्रदेश के नजदीक चीन का एक सीमावर्ती शहर है।

चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के नजदीक शुरू की पहली बुलेट ट्रेन

एक रिपोर्ट के अनुसार चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने 435 किलोमीटर लंबे ल्हासा-न्यिंगची रेलवे लाइन सेक्शन का निर्माण 2014 में शुरू किया था। इस ट्रैक पर 160 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ सकती है। इस बुलेट ट्रेन के जरिये ल्हासा से न्यिंगची का सफर 3.5 घंटे में तय किया जा सकता है।

चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के नजदीक शुरू की पहली बुलेट ट्रेन

इस रेलवे लाइन का 90 प्रतिशत भाग समुद्री तल से 3000 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' के अनुसार यह रेलवे लाइन तिब्बत का पहला पूरी तरह बिजली से चलने वाला हाई स्पीड रेलवे लाइन है। एजेंसी के मुताबिक, इसके निर्माण का मुख्य उद्देश्य तिब्बत प्रांत में कनेक्टिविटी का विकास है।

चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के नजदीक शुरू की पहली बुलेट ट्रेन

ल्हासा-न्यिंगची रेलवे लाइन चीन की उन कुछ बड़ी परियोजनाओं में शामिल है जिन्हें तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश से सटे क्षेत्रों में पूरा किया गया है। पिछले महीने, चीन ने यारलुंग जांगबो नदी (ब्रह्मपुत्र) के नजदीक महत्वपूर्ण राजमार्ग का निर्माण पूरा किया। एजेंसी के मुताबिक, यह रेलवे लाइन अरुणाचल प्रदेश के बॉर्डर के नजदीक चीन के द्वारा बनाया गया "दूसरा महत्वपूर्ण मार्ग" है।

चीन ने तिब्बत में भारतीय सीमा के नजदीक शुरू की पहली बुलेट ट्रेन

ल्हासा-न्यिंगची रेल दो प्रांतीय राजधानियों को जोड़ने वाली सिचुआन-तिब्बत रेलवे लाइन का एक खंड है। चीनी मीडिया के अनुसार इस रेलवे लाइन को राष्ट्रीय एकता की रक्षा में उठाया गया एक बड़ा कदम बताया जा रहा है और पश्चिमी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मन जा रहा है।

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चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है जिसका भारत पुरजोर तरीके से विरोध करता है। भारत-चीन सीमा विवाद 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर है।

शिन्हुआ यनिवर्सिटी में नेशनल स्ट्रेटजी इंस्टीट्यूट के शोध विभाग के निदेशक कियान फेंग ने सरकारी दैनिक 'ग्लोबल टाइम्स' को पूर्व में बताया था कि, 'चीन-भारत सीमा पर अगर संकट का कोई परिदृश्य बनता है तो रेलवे चीन को रणनीतिक सामग्रियां पहुंचाने में बहुत सुविधा देगी।'

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Article Published On: Saturday, June 26, 2021, 17:37 [IST]
English summary
China launches bullet train in Tibet close to Indian border details. Read in Hindi.
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