चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

तेज रफ्तार बुलेट ट्रेनें आज पारंपरिक ट्रेनों को काफी पीछे छोड़ चुकी हैं। अब वह समय गया जब ट्रेन से सफर करने में कई दिनों का समय लगता था। अब ऐसी ट्रेनें आ गई हैं जिनसे सैड़कों किलोमीटर का सफर महज कुछ मिनटों में पूरा हो जाता है। वैसे तो कई देशों में बुलेट ट्रेनें चल रही हैं लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है जो बुलेट ट्रेन की रफ्तार के मामले में अन्य देशों को पीछे छोड़ चुका है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

जब भी बुलेट ट्रेन की बात होती है तो सबसे पहले जापान का नाम आता है। वह इसलिए क्योंकि जापान पहला देश था जिसने 1964 में दुनिया का पहला बुलेट ट्रेन लॉन्च किया था। यह बुलेट ट्रेन 360 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर चलने में सक्षम था। जापान ने इससे भी तेज चलने वाली कई नई बुलेट ट्रेनों का निर्माण किया। हालांकि, वर्तमान में बुलेट ट्रेनों के मामले में चीन ने सभी देशों को पीछे छोड़ दिया है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

चीन ने पिछले साल दुनिया की सबसे तेज ट्रेन का ट्रायल किया जो 600 किलोमीटर प्रतिघंटा से भी अधिक रफ्तार से दौड़ती है। यही नहीं, चीन में ऐसी कई हाई स्पीड बुलेट ट्रेनों पर काम चल रहा है जिसके वजह से अब चीन को हाई स्पीड बुलेट ट्रेनों का घर कहा जाने लगा है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

शंघाई मैग्लेव है दुनिया की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन

चीन ने पिछले साल जुलाई में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन को लॉन्च किया था जो चीन की प्रमुख शहर शंघाई में चलाई जा रही है। यह ट्रेन 600 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर दौड़ सकती है। चीन में इस ट्रेन के लिए 2,000 किलोमीटर की स्पेशल ट्रैक भी बिछाई जा चुकी है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

क्या है मैग्लेव ट्रेनों की तकनीक?

पारंपरिक ट्रेनें लोहे की पटरी पर पहियों के सहारे दौड़ती हैं। इन ट्रेनों के आगे इंजन लगा होता है जो डीजल या बिजली से चलता है। इन ट्रेनों में सफर किफायती होता है। हालांकि, जब रफ्तार की बात आती है तो यह ट्रेनें काफी पीछे रह जाती है। आमतौर पर पारंपरिक ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 70-120 किलोमीटर प्रतिघंटा तक सीमित रहती है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

लेकिन मैग्लेव ट्रेनों की तकनीक साधारण ट्रेनों से कहीं अधिक उन्नत और भरोसेमंद हैं। मैग्लेव (Maglev) यानी मैग्नेटिक लेविटेशन (Magnetic Levitation) एक ऐसी तकनीक है जिसमें ट्रेनों को आगे बढ़ाने के लिए चुंबकीय बल का प्रयोग किया जाता है। इन ट्रेनों में पहिये नहीं होते हैं जिससे घर्षण नहीं होता और ट्रेन सैकड़ों किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ती रहती है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

मैग्लेव ट्रेनों के लिए स्पेशल ट्रैक बनाए जाते हैं। इन ट्रेनों के ट्रैक पर बिजली दौड़ती रहती है जिससे जिसे ट्रेन को ऊर्जा मिलती है। मैग्लेव ट्रेन बिजली से बनने वाले चुंबकीय बल के सहारे पटरियों पर तैरते हुए चलती हैं। ट्रेन और पटरियों के बीच घर्षण न होने के कारण ये काफी तेज गति प्राप्त कर लेती है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

यह ट्रेनें बेहद महंगी होती हैं इसलिए काफी कम देश ही इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इन ट्रेनों का इस्तेमाल करने वाले देशों में चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और स्पेन जैसे देश शामिल हैं। चीन लगभग दो दशकों से इन ट्रेनों का सीमित पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है।

चीन की तेज रफ्तार ट्रेन के सामने फेल हुए फ्रांस-जापान, स्पीड जानकर उड़ जाएंगे होश!

वर्तमान में, मेगासिटी शंघाई में एक छोटी मैग्लेव लाइन है जो हवाई अड्डे से शहर तक चलती है। वर्तमान में चीन में कोई इंटरसिटी या अंतर-प्रांत मैग्लेव लाइनें नहीं हैं, लेकिन शंघाई और चेंगदू जैसे कुछ शहरों ने अनुसंधान करना शुरू कर दिया है।

More from Drivespark

Article Published On: Tuesday, June 14, 2022, 15:44 [IST]
English summary
China is home to worlds fastest bullet trains shanghai maglev details
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+