बैंगलोर-चेन्नई के बीच चलने वाली ट्रेन पटरी से उतरी, घंटों बाधित रहा रेलवे का काम
चेन्नई से बैंगलोर के लिए चलने वाली डबल डेकर एसी एक्स्प्रेस ट्रेन बैंगलोर के केएसआर स्टेशन से पहले पटरी से उतर गयी। इस ट्रेन की पटरी से उतरने बैंगलोर चेन्नई के बीच रेल यातायात बाधित रहा। खबर है कि इस घटना से किसी को चोट नहीं आई है।
डॉक्टर एमजीआर चेन्नई सेंट्रल से केएसआर बैंगलोर तक चलने वाली ट्रेन नंबर 22625 बैंगलोर 1.15 बजे पहुँचने वाली थी। करीब 11.30 बजे, बंगारपेट स्टेशन से 20 किमी दूर, बिसनटम स्टेशन के पास सेकंड लास्ट कोच के कुछ पहिये व एक एक्सल पटरी से नीचे उतर गया।

इस घटना के दौरान यात्रियों को कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। पटरी से उतरी हुई कोच के यात्रियों को अन्य कोच सी2, सी3 व सी4 में शिफ्ट किया गया। इसके बाद कोच को बाकी ट्रेन से अलग किया गया है और ट्रेन को बैंगलोर के लिए रवाना किया गया।
यह ट्रेन करीब 3.15 बजे करीब बैंगलोर पहुंची। इसके बाद घटना स्थल पर बैंगलोर डिवीजन के अधिकारी एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन के साथ पहुंचे ताकि ट्रेन को ट्रैक पर लाया जा सके। यात्रियों की मदद के लिए केएसआर, बैंगलोर कैंट व बंगारपेट स्टेशन पर हेल्पडेस्क भी लगाया गया।

इस घटना से अप लाइन प्रभावित नहीं हुई लेकिन डाउन लाइन प्रभावित हुई। कुल आठ ट्रेनों को या तो डीले किया गया या फिर डाइवर्ट किया गया। ट्रैक को डीजल इंजन के लिए 5 बजे तक व इलेक्ट्रिकल इंजन के लिए 6.20 बजे तक रिस्टोर कर लिया गया।
दक्षिण पश्चिम रेलवे ने पटरी से ट्रेन के उतरने का कारण जानने के लिए जांच शुरू कर दी है। गर्मियों के महीने में इस तरह की घटना बहुत आम बात होती है। 21 अप्रैल को ही बैंगलोर-सेलम सेक्शन भी प्रभावित हुआ था क्योकि मालगाड़ी पटरी से उतर गयी थी।
ट्रेन की पटरी से उतरने के कई कारण है। अगर ट्रेन के पहियों की सही समय पर मरम्मत नहीं होती है तो वो जाम हो जाते हैं। ट्रेन के जाम पहियों के साथ ट्रेन को मोड़ने और स्पीड देने से पटरी पर उतरने का खतरा बना रहता है।
रेल जॉइंट में 2.5 से 3 सेमी की स्पेस चाहिए होती है लेकिन गर्मी के दिनों में यह गर्म होने से फैलने लगता है, जिस वजह से स्पेस कम होने लगती है और इस वजह से ट्रेन के हादसों का खतरा बना रहता है।


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