Chennai-Bangalore एक्सप्रेस-वे जल्द होगा शुरू, घंटों कम हो जाएगी दूरी, मिलेंगी ये हाइटेक सुविधाएं
चेन्नई-बैंगलोर एक्सप्रेस-वे, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, तीनों राज्यों के लिए बड़ी सौगात है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से तीनों राज्यों की कनेक्टिविटी का विस्तार होगा और समय की भी बचत होगी। इस परियोजना से ईंधन का भी बचाव होगा साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
Bangalore-Chennai एक्सप्रेस-वे फोर लेन एक्सप्रेस-वे होगा, जिसकी टोटल दूरी लगभग 285.3 किमी होगी। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से ट्रैफिक और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी।

इसके साथ ही ई-कामर्स इंडस्ट्री के लिए सहुलियत होगी क्योंकि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद लॉजिस्टिक लागत कम हो जाएगी। चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा करने में अभी लगभग 6 से 7 घंटे का समय लगता है।
इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद यह घटकर 3 या 4 घंटे रह जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार इस एक्सप्रेस-वे की अनुमानित लागत लगभग 17,000 करोड़ रुपये है।
संभावाना है कि मार्च 2024 तक यह एक्सप्रेस-वे तैयार हो जाएगा। वहीं इस एक्सप्रेस-वे पर कारें 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। Bangalore-Chennai एक्सप्रेस-वे की रुट की बात करें तो यह कर्नाटक के होसकोटे से शुरू होकर तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर तक जाएगा।
262 किलोमीटर में से इस एक्सप्रेस-वे का 85 किलोमीटर हिस्सा तमिलनाडु में, 71 किलोमीटर आंध्र प्रदेश में और 106 किलोमीटर कर्नाटक में शामिल है। Bangalore-Chennai एक्सप्रेस-वे होसकोटे, मलूर, बंगारापेट, कोलार गोल्ड फील्ड्स, वेंकटगिरीकोटा, पलमनेर, बंगरुपलेम, चित्तूर, रानीपेट और श्रीपेरंबदूर से होकर गुजरेगी।
वहीं महिंद्रा, निसान और बजाज जैसी कई लोकप्रिय ऑटोमोबाइल कंपनियां इस एक्सप्रेस-वे के पास अपने प्लांट बनाने की योजना भी बना रही हैं। इस एक्सप्रेस वे पर प्रतिदिन औसत वाहनों की संख्या लगभग 45,000 से 60,000 होने की उम्मीद है।
इसके अलावा Bangalore-Chennai एक्सप्रेस-वे पर 17 फ्लाईओवर, 41 अंडरपास, 52 पैदल यात्री अंडरपास, 143 पुलिया, 162 पुल और चार रेलवे क्रॉसिंग बनाए जाएंगे। इनमें 09 बड़े पुल, नौ मध्यम पुल और 144 छोटे पुल शामिल है।
Bangalore-Chennai एक्सप्रेस-वे की अनुमानित लागत मुंबई पुणे एक्सप्रेस-वे की तरह ही 20,000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस एक्सप्रेसवे को बनाने में कुल लागत का बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा।
वहीं बाकि पैसा अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, भूमि अधिग्रहण, टोल टैक्स आदि पर खर्च की जाएगी। बता दें कि एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की कुल लागत लगभग 6 मिलियन है।
चेन्नई बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे निर्माण के से दक्षिणी भारत में रियल एस्टेट पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेस-वे के पूरा होने के बाद इस रुट पर रियल एस्टेट की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है।
इसलिए घर खरीदारों और निवेशकों को सचेत रहना चाहिए। इस एक्सप्रेस-वे के क्षेत्र में संपत्ति खरीदने या संपत्तियों में निवेश करने से पहले अपने निर्णयों के बारे में ठीक से विचार कर लें।
वहीं Bangalore-Chennai एक्सप्रेस-वे परियोजना के अपडेट की बात करें तो केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में बताया था कि इस एक्सप्रेस-वे की कुल 10 परियोजनाओं में से 6 निर्माणाधीन हैं।
इनमें से तीन परियोजनाएं तमिलनाडु में निर्माणाधीन हैं। आंध्र प्रदेश में 12 किमी के इस एक्सप्रेसवे लॉन्डरर का अंतिम प्रोजेक्ट एक नए ठेकेदार को दिया गया है। पूरी एक्सप्रेस-वे परियोजना मार्च 2024 तक पूरी होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेस-वे ड्राइविंग के लिए आइडियल कंडिशन साबित होगी। साथ एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा बल्कि लॉजिस्टिक गतिविधियों के लिए भी सहायक होगी।


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