चन्द्रयान-3 की टेस्टिंग हुई पूरी, 13 जुलाई को होगी लॉन्च
भारत की चाँद की तीसरी मिशन, चन्द्रयान-3, की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है तथा इस मिशन को 13 जुलाई को लॉन्च किया जाना है. इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ ने प्रेस को जानकारी दी है कि एजेंसी ने स्पेसक्राफ्ट की टेस्टिंग पूरी कर ली है.
अब यह स्पेसक्राफ्ट पूरी तरह से इंटिग्रेटेड कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि क्राफ्ट को राकेट कम्पार्टमेंट से मेट कर लिया गया है. सोमनाथ ने बताया कि चन्द्रयान-3 को लॉन्च करने का समय 12 जुलाई से 18 जुलाई के बीच का हफ्ता है.

भारत के स्पेस एजेंसी ने बताया कि लॉन्च को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से 13 जुलाई, 2:30 बजे लॉन्च करने के लिए सेट किया गया है. चन्द्रयान-3 लॉन्च वाहन मार्क 3 राकेट की मदद से लॉन्च किया जाएगा जिसका उपयोग पिछले मिशन में भी किया गया था.
चन्द्रयान-3 स्पेसक्राफ्ट में तीन मोडयुल्स - प्रोपल्शन मोड्यूल, एक लैंडर तथा एक रोवर शामिल है. प्रोपल्शन मोड्यूल, लैंडिंग मोड्यूल व रोवर को लॉन्च इंजेक्शन से फाइनल लूनर 100 किमी सर्कुलर पोलर ऑर्बिटतक लेकर जाएगा.

इसके बाद यह दूसरा साइंटिफिक मोड्यूल उपयोग में लाएगा. लैंडर मोड्यूल चाँद पर सॉफ्ट लैंडिंग करवाएगा, जहां पर चन्द्रयान-2 फेल हो गया था. लैंडिंग के बाद, लैंडर रोवर को डिप्लॉय करेगा. लैंडर और रोवर में पेलोड है जिनकी मदद से एक्सपेरिमेंट किये जायेंगे.
चन्द्रयान-3 मिशन के तीन उद्देश्य है - पहला लूनर सर्फेस पर सुरक्षित व सॉफ्ट लैंडिंग कराना है; दूसरा यह देखना कि रोवर मून पर सही से रोविंग कर रहा है; तथा तीसरा इन-सीटू साइंटिफिक एक्सपेरीमेंट करना।
चन्द्रयान-3 मिशन को लॉन्च करने के लिए एलवीएम3 का उपयोग किया जाएगा, जिसे पहले जियोसिंक्रोन्स सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल मार्क 3 के नाम से जाना जाता था। चन्द्रयान-3 दूसरा मिशन होगी जिसमें इस राकेट का उपयोग किया जाएगा। चन्द्रयान-1 को पीएसएलवी एक्सएल राकेट से स्पेस में भेज गया था।
एलवीएम3 एक तीन स्टेज वाला राकेट है जिसकी लंबाई 43.43 मीटर है तथा इसका वजन 640,000 किलोग्राम है। यह लॉन्च वाहन जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट तक 4000 किलोग्राम पेलोड ले जा सकता है। इसके तीन स्टेज में मुख्य राकेट के साथ साइड में दो राकेट बूस्टर लगाए गए है।
हर बूस्टर में 207 टन का एचटीपीबी आधारित प्रोपेलेंट दिया गया है जो 5150kN का अधिकतम थ्रस्ट उत्पन्न करता है। दूसरे स्टेज में दो लिक्विड फ्यूल्ड विकास-2 राकेट इंजन दिया गया है जो यूडीएमएच तथा नाइट्रोजन टेट्रोऑक्साइड के कॉम्बिनेशन से बनता है।


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