इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी के लिए चंडीगढ़ में खर्च होंगे 5 करोड़ रुपये, सभी तरह के ई-वाहनों पर मिलेगी छूट
चंडीगढ़ प्रशासन ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को सब्सिडी देने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना तैयार की है। चंडीगढ़ प्रशासन के अनुसार यह राशि शुरूआती तौर सब्सिडी देने के लिए खर्च की जाएगी। चंडीगढ़ इलेक्ट्रिक वाहन नीति के लॉन्च होने के बाद सब्सिडी में खर्च होने वाली राशि में बढ़ोतरी की जा सकती है।

चंडीगढ़ ई-वाहन नीति की अधिसूचना के अनुसार शहर में प्राइवेट या कमर्शियल इलेक्ट्रिक दोपहिया या चारपहिया वाहन खरीदने पर 3,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये की सब्सिडी निर्धारित की गई है। इसके अलावा वाहन स्क्रैप करवाने वाले लोगों को उनके वाहन के लिए उचित मूल्य देने का भी नियम बनाया गया है।

चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा है कि दोपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी का विश्लेषण ड्राफ्ट नीति में किया गया है। प्रशासन जल्द ही ईवी ग्राहकों के लिए एक सिंगल विंडो सिस्टम तैयार कर रहा है जहां ग्राहक सब्सिडी के दावे के लिए सभी तरह की औपचारिकताओं को पूरा कर सकेंगे।

चंडीगढ़ इलेक्ट्रिक वाहन नीति में इलेक्ट्रिक साइकिल, दोपहिया, तिपहिया, इलेक्ट्रिक कार्गो वाहनों के साथ-साथ चार पहिया, यात्री और वाणिज्यिक सहित इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है। नीति के तहत प्रोत्साहन, केंद्र सरकार की FAME II योजना के अतिरिक्त दिया जाएगा। चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक इस नीति के तहत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे।

मसौदा नीति के तहत, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के प्रोत्साहन में पंजीकरण शुल्क माफ करना शामिल है। चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों को पहले से ही 2024 तक रोड टैक्स से छूट दी गई है। इसके अलावा, अंतिम मील डिलीवरी के लिए उपयोग किए जाने वाले दोपहिया सहित वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों को 31 मार्च, 2024 तक इलेक्ट्रिक फ्लीट में बदलने का निर्देश दिया गया है। इसमें कैब एग्रीगेटर भी शामिल होंगे।

खरीदार दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5,000 प्रति किलोवाट के प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं, जो अधिकतम 30,000 रुपये तक होगा। वहीं, इलेक्ट्रिक कारों पर 10,000 रुपये प्रति किलोवाट का प्रोत्साहन दिया जाएगा जो अभिकतम 1.50 लाख रुपये तक हो सकता है। तीन-पहिया इलेक्ट्रिक रिक्शा या किसी भी तीन पहियों वाले इलेक्ट्रिक वाहन पर अधिकतम 30,000 रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।

मसौदा नीति में चंडीगढ़ में हर साल पेट्रोल और डीजल दोपहिया और तिपहिया वाहनों की संख्या को सीमित करने का भी सुझाव दिया गया है। विकल्प और मूल्य सीमा की सीमित उपलब्धता के कारण चार पहिया वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा।

नीति में सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पांच साल के लिए चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा संचालित पार्किंग स्थल पर पार्किंग शुल्क पर 100 प्रतिशत छूट का भी उल्लेख है। चंडीगढ़ इलेक्ट्रिक वाहन नीति सार्वजनिक चार्जिंग बुनियादी ढांचे को बनाने में भी मदद करेगी और इसका लक्ष्य पहले दो वर्षों में कम से कम 100 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बनाना है।


Click it and Unblock the Notifications








