वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

केंद्र सरकार ने संसद में खुलासा किया है कि वित्त वर्ष 2020-21 (अप्रैल 2020 से मार्च 2021) में पेट्रोल और डीजल ईंधन के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क संग्रह 3.72 लाख करोड़ रुपये का रहा है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में इस आंकड़े का खुलासा किया।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

आपकी जानकारी के तौर पर संदर्भ में रखने के लिए, वित्त वर्ष 2017 में ईंधन से कुल उत्पाद शुल्क संग्रह 2.22 लाख करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2018 में 2.25 लाख करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2019 में 2.13 लाख करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2020 में 1.78 लाख करोड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह भी कहा कि "वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्रीय उत्पाद शुल्क के तहत एकत्रित कोष से राज्य सरकारों को हस्तांतरित टैक्स की कुल राशि 19,972 करोड़ रुपये थी।" राज्यों को कम हिस्सा मिलने का कारण यह है कि राज्य केवल मूल उत्पाद शुल्क से एक हिस्सा पाने के हकदार हैं।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

यह उत्पाद शुल्क का हिस्सा पेट्रोल के लिए 1.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल के लिए 1.80 रुपये प्रति लीटर है। प्रत्येक लीटर पेट्रोल पर मूल उत्पाद शुल्क के ऊपर 11 रुपये का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क, 13 रुपये का सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर और कृषि बुनियादी ढांचे और विकास के लिए 2.50 रुपये उपकर लगाया जाता है।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

इसी तरह से डीजल की बात करें तो डीजल पर भी सरकार की ओर से विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 8 रुपये प्रति लीटर लगाया जाता है। इसके अलावा 4 रुपये सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर और कृषि बुनियादी ढांचे व विकास के लिए 4 रुपये का उपकर लगाया जाता है।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

ध्यान देने वाली बात यह है कि केंद्र द्वारा लगाए गए उत्पाद शुल्क के ऊपर राज्य वैट लगाते हैं। अप्रैल 2016 और मार्च 2021 के बीच, राज्यों ने ईंधन पर वैट के माध्यम से 9.57 लाख करोड़ रुपये एकत्र किए, जबकि केंद्रीय उत्पाद शुल्क संग्रह 12.11 लाख करोड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

मौजूदा समय में हाल ही में कमी के बाद पेट्रोल पर लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क 27.90 रुपये (5 रुपये कम) है, जबकि डीजल पर शुल्क 21.80 रुपये (10 रुपये कम) है। पिछले साल एक लीटर पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 32.98 रुपये और डीजल पर शुल्क 31.83 रुपये प्रति लीटर था।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

इस उत्पाद शुल्क को इस वर्ष बजट में पेट्रोल के लिए 32.90 रुपये और डीजल के लिए 31.80 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था। ऑटोमोटिव ईंधन पर लगाए गए कुल उत्पाद शुल्क में संशोधन के बावजूद, यह दर साल 2019 की तुलना में अभी भी बहुत ज्यादा अधिक है।

वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल टैक्स से कमाए 3.72 लाख करोड़ रुपये, देखें आंकड़े

साल 2019 में केंद्र द्वारा पेट्रोल पर 19.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 15.83 रुपये प्रति लीटर पर कर लगाया गया था। इसके अलावा, यह पता चला है कि देश ने परिवहन में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) के उपयोग के माध्यम से पिछले वर्ष 9580 करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा व्यय को बचाया है।

Most Read Articles

Hindi
English summary
Central govt collects rs 3 72 lakh crore tax on petrol and diesel in fy21 details
Story first published: Thursday, December 2, 2021, 8:00 [IST]
 
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X