अगले दो साल में सड़क निर्माण में 15 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च, नितिन गडकरी ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सड़क एवं परिवहन मंत्रालय अगले दो वर्षों में भारत में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर पर 15 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा।गडकरी ने बताया कि, सरकार पहले ही सड़क निर्माण में 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दे चुकी है। जिसके चलते विदेशी कंपनियां भी भारत में सड़क निर्माण रुचि दिखा रही हैं और अपनी बेहरीन तकनीक से अच्छी सड़क बना रही हैं।

प्रतिदिन 30 किलोमीटर बनेंगी सड़कें
गडकरी ने भरोसा दिलाया कि उनका मंत्रालय जल्द ही प्रतिदिन 40 किमी राजमार्ग निर्माण का लक्ष्य हासिल कर लेगा। आपको बता दें गडकरी इंडो-यूएस पार्टनरशिप विजन समिट में बोल रहे थे। जहां उन्होंने कहा कि देश में बुनियादी ढ़ाचा क्षेत्र में निवेश का बहुत बड़ा अवसर है। जिसकी मदद से देश के नागरिकों के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढ़ाचे का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि देश में राजमार्ग, सड़क और बंदरगाहों को बेहतर बनाया जाएगा।

इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर में किया जायेगा निवेश
उन्होंने बताया कि देश में इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभी बहुत काम करना बाकि है। इसके अलावा हवाई अड्डों, मेट्रो रेल, रेलवे स्टेशनों के बुनियादी ढांचे में निवेश का बहुत बड़ा अवसर मौजूद है। उन्होंने बताया कि सरकार सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने पर जोर दे रही है।

इन सेक्टर में हो सकता है बड़ा निवेश
कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने कहा कि, हवाई अड्डों, मेट्रो रेल, रेलवे स्टेशनों सहित बुनियादी ढांचे में निवेश के बहुत अवसर है. इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन और बिजली के क्षेत्र में भी निवेश की गुंजाइश है।

अभी रोज इतने किमी सड़क का होता है निर्माण
NHAI के आंकड़ों के अनुसार अभी प्रतिदिन 37 किमी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। वहीं NHAI ने हाल ही में 24 घंटे में 2,580 मीटर के फोर लेन राजमार्ग का निर्माण करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था। वहीं सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2014 में 91,287 किमी राजमार्ग की तुलना में मार्च 2020 तक 1,37,625 किमी राजमार्ग का निर्माण हो चुका है।

हाल ही में, गडकरी ने भारत में सड़क निर्माण परियोजनाओं में शामिल एजेंसियों को वित्तपोषण के लिए एक बुनियादी ढांचा निधि बनाने का आग्रह किया था। उन्होंने भारतीय रेलवे जैसे उदाहरणों का हवाला दिया, जिसमें भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) नामक एक शाखा है और ऊर्जा मंत्रालय के पास पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) है। उन्होंने बताया था कि इस कोष से वित्तीय सहायता ली जा सकेगी।


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