सरकारी बसों में लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरा, उत्तरप्रदेश सरकार ने लिया फैसला
देश में बसों पर चलते समय अक्सर यात्रियों में सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है। इसके साथ ही कई बार ड्राइवर व कंडक्टर द्वारा ही यात्रियों से मनमानी की जाती है। इन्हीं सब समस्यायों को ध्यान में रखते हुए उत्तप्रदेश सरकार एक कदम उठाने जा रही है।

उत्तप्रदेश सरकार अब अपने सरकारी बसों में सीसीटीवी कैमरा लगाने जा रही है यह कदम सुरक्षा के साथ साथ ही एक्सीडेंट आदि जैसे समय में भी मददगार साबित होगा। यह सड़क दुर्घटनों को कम करने के लिए भी एक अच्छा और सार्थक उपाय है।

एक बयान में उत्तर प्रदेश स्टेट रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के अधिकारी राजशेखर ने कहा है कि "680 बसों में 1400 सीसीटीवी लगाने का निर्णय लिया गया है, यह सबसे अधिक एक्सीडेंट होने वाले रूट लखनऊ-आगरा-दिल्ली एक्सप्रेसवे, लखनऊ-बरेली-दिल्ली तथा लखनऊ-फैजाबाद-गोरखपुर की बसों में लगाया जाएगा।"

साथ ही उन्होंने बताया कि सितंबर 2019 से लेकर मार्च 2020 के बीच यह सीसीटीवी बसों में लगाए जाने है, यह एक्सीडेंट कम करने के साथ साथ ही झूठी शिकायतों से निपटने के लिए भी कारागर साबित होंगे। इसके अलावा यात्रियों के बेहतर सुरक्षा भी प्रदान की जा सकेगी।

वर्तमान में परिवहन विभाग पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में दो बसों में इसे प्रयोग कर रही है जिसमें से एक अवध डिपो तथा दूसरी कैसरबाग डिपो से संचालित किये जा रहे है। इसके माध्यम से सीसीटीवी की उपयोगिता की जानकारी जुटाई जा रही है।

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने इस पायलेट प्रोजेक्ट के परिणाम को जांचने के लिए एक कमेटी भी गठन किया था। कमेटी ने इस पायलेट प्रोजेक्ट को बहुत ही उपयोग पाया तथा चरणबद्ध तरीके से अन्य बसों में भी सीसीटीवी लगाने की सिफारिश की है।

यात्रियों के हित में उठाये जा रहे है यह कदम सड़क सुरक्षा में भी मददगार साबित होंगे। इनके उपयोग से उन रूट पर होने वाले दुर्घटनों को होने से टाला जा सकेगा तथा अनिवार्य सुरक्षा कदम भी उठायें जा सकेंगे।

यात्री सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए हाल ही में बिहार सरकार ने भी सरकारी बसों में ट्रैकिंग डिवाइस व पैनिक बटन लगाने की घोषणा की थी। पैनिक बटन की मदद से यात्री एक बटन दबाकर तुरंत ही खतरे का संदेश भेज सकते है।

इससे पहले यह आदेश मध्यप्रदेश में भी लागू ही चुका है। खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी व महत्वपूर्ण फैले लिए गए है। आने वाले दिनों में इस तरह के कदम अन्य राज्य सरकारें भी उठा सकती है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
सरकारी बसों में सीसीटीवी लगाए जाने से एक हद तक यात्री सुरक्षित महसूस करेंगे तथा यह एक बहुत सराहनीय कदम है। इसके साथ ही ट्रैकिंग डिवाइस व पैनिक बटन जैसे सुविधाएं पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लाकर सरकार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
Source: ETAuto


Click it and Unblock the Notifications