ड्राइविंग लाइसेंस कितने प्रकार के होते हैं? यहां जानें
भारत में विभिन्न प्रकार के वाहनों को चलाने के लिए अलग-अलग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की जरूरत होती है। देश में सबसे ज्यादातर कार या मोटरसाइकिल के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जाते हैं लेकिन इनका इस्तेमाल ट्रक या ट्राली जैसे भारी वाहनों को चलाने के लिए नहीं किया जा सकता। इसी तरह प्राइवेट वाहन के लिए बनाये गए लाइसेंस का इस्तेमाल कमर्शियल वाहन को चलाने के लिए करना गैरकानूनी है। यहां हम आपको बताएंगे उन 7 प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस के बारे में जिनका इस्तेमाल अलग-अलग प्रकार के वाहनों को चलाने के लिए किया जाता है। आइये जानते हैं...

1. MC 50 CC
इस ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल सबसे कम इंजन पॉवर वाले वाहनों को चलाने के लिए किया जाता है। इसमें 50 cc या उससे कम क्षमता की स्कूटर, बाइक या मोपेड को चलाने की अनुमति दी गई है। इस लाइसेंस के लिए आप 16 साल की उम्र के बाद आवेदन दे सकते हैं।

2. LMV-NT
लाइट मोटर व्हीकल (नॉन ट्रांसपोर्ट) ड्राइविंग लाइसेंस से आप किसी भी तरह की कार या बाइक चला सकते हैं लेकिन इससे आप कोई भी कमर्शियल काम नहीं कर सकते। इस लाइसेंस का इस्तेमाल केवल व्यक्तिगत तौर पर किया जा सकता है। इससे आप टैक्सी या ऑटो जैसे वाहन नहीं चला सकते।

अगर आपके पास LMV-NT लाइसेंस है तो आपको मोटरसाइकिल या स्कूटर के लिए अलग से लाइसेंस बनवाने की जरूरत नहीं है। इस लाइसेंस से कार, स्कूटर या बाइक को चलाया जा सकता है।

3. FVG
यह लाइसेंस बिना गियर वाले बाइक, स्कूटर या मोपेड को चलाने के लिए जारी किया जाता है। फिर चाहे उसका इंजन कितनी भी क्षमता का हो बस शर्त यह है कि वाहन बिना गियर वाला होना चाहिए। इस ड्राइविंग लाइसेंस से आप इलेक्ट्रिक बाइक और स्कूटर भी चला सकते हैं क्योकि इसमें गियर नहीं होते हैं। इसलिए इस लाइसेंस से आप इन बाइक्स को चला सकते है।

4. MC EX 50CC
इस लाइसेंस से आप 50cc या उससे ऊपर के क्षमता की किसी भी गियर वाली बाइक, स्कूटर या मोपेड को चला सकते हैं। ध्यान रहे कि यह लाइसेंस MC 50 CC से अलग है जिसे बिना गियर वाले 50cc दोपहिया वाहन के लिए जारी किया जाता है।

5. MCWG
अगर आपके पास यह लाइसेंस है तो आप किसी भी गियर या बिना गियर वाली बाइक, स्कूटर या मोपेड को चला सकते हैं। इस लाइसेंस के लिए इंजन क्षमता की कोई शर्त नहीं है, इसलिए इस लाइसेंस से आप किसी भी तरह के इंजन वाली बाइक चला सकते हैं।

6. HGMV
हैवी गुड्स मोटर व्हीकल (HGMV) लाइसेंस ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाले भारी वाहनों जैसे ट्रक, ट्रेलर को चलाने के लिए जारी लिया जाता है। इस लाइसेंस का इस्तेमाल केवल कमर्शियल उपयोग के लिए किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल पर्सनल कार को चलने के लिए करना गैरकानूनी है।

7. HPMV
पूरे भारत में परमिट वाले यात्री वाहनों को चलाने के लिए इस लाइसेंस की जरूरत पड़ती है। इंटरस्टेट (अंतरराज्यीय) रूट पर बस चलाने वाले ड्राइवर इस लाइसेंस का इस्तेमाल करते हैं। बनवले इस लाइसेंस को बनवाने के लिए न्यूनतम उम्र सीमा 18 साल की होनी चाहिए। कई राज्यों में यह सीमा 20 वर्ष की है।


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