आर्थिक तंगी के बावजूद महाराष्ट्र सरकार मंत्रियों के लिए खरीदेगी करोड़ो की कार, सीएम ने दी अनुमति
देश भर में कोरोना वायरस का संकट अपने चरम पर है, लगातार केस बढ़ते जा रहे हैं। इसके चलते देश भर में 2 महीने का लॉकडाउन किया गया था, जिस वजह से केंद्र व राज्य सरकारें आर्थिक तंगी से गुजर रही है जिसके लिए कई सुविधाओं में कटौती की गयी है।

वर्तमान में महाराष्ट्र कोविड-19 केस के मामलें में सबसे आगे है, इसे रोकने के लिए सभी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही है। आर्थिक तंगी के चलते देश के राष्ट्रपति, महाराष्ट्र के राज्यपाल ने नई कार लेने की योजना को टाल दिया है।

लेकिन महाराष्ट्र सरकार इस मूड में नहीं लग रही है तथा अपने मंत्रियों को खुश रखने को अधिक तवज्जों दे रही है। इसलिए ऐसी आर्थिक संकट के बीच हाल ही महाराष्ट्र सरकार ने मंत्री तथा टीम के लिए 1.37 करोड़ रुपये की छह कार खरीदने की अनुमति दी है।

छह नए लग्जरी कार में से 4 कार मंत्रियों के लिए, 1 कार अधिकारी के लिए तथा 1 कार अन्य डिपार्टमेंट के लिए खरीदे जाने हैं। यह छह कार टोयोटा इनोवा क्रिस्टा 7 सीटर है, जिनकी कीमत 22.83 लाख रुपये है। यह एमपीवी आजकल अधिकतर नेताओं की पसंद बन गयी है।

इन कारों का उपयोग स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़, उनके राज्य मंत्री बच्चू काडू, खेल मंत्री सुनील केदार, उनकी राज्य मंत्री अदिति तत्करे, स्कूल शिक्षा व खेल मंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा एक वाहन डिपार्टमेंट के लिए उपयोग किया जाएगा।

इस निर्णय के साथ ही महाराष्ट्र सरकार की आलोचना भी शुरू हो गयी है, विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सरकार पर सवाल उठाये हैं। ऐसे समय में सरकार के लिए मंत्रियों की कार खरीदना प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए, विपक्ष यह बात कह रही है।

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेन्द्र फड़नवीस ने सरकार अपर सवाल उठाये हुए कहा कि "ऐसे समय में जब सरकार कोविड-19 के चलते स्वास्थ्य कर्मचारी सहित अन्य कर्मचारियों की सैलिरी में कटौती कर रही है, वैसे में सरकार की प्राथमिकता मंत्रियों के लिए गाड़ी खरीदनी नहीं हो सकती है।"

उन्होंने आगे कहा कि "ऐसे स्तिथि में वाहन खरीदे जा रहे हैं, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि सरकार की प्राथमिकता क्या है? ऐसी स्थिति में मुख्य मंत्री तथा वित्त मंत्री को कड़े नियम का पालन करना चाहिए।" इसके पहले राज्य के राज्यपाल कार खरीदने की योजना टाल चुके हैं।

ऐसे में राज्य का मंत्रियों व सचिव के लिए नई कार खरीदने का औचित्य नहीं बनता है। सरकार को इस तरह के व्यय से बचना चाहिए। बतातें चले कि कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से महाराष्ट्र सरकार को पिछले चार महीने में 50,000 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है।


Click it and Unblock the Notifications