पकड़े गये देश के सबसे बड़े कार चोर, अब तक पार कर चुके हैं 2000 कार
देश में कार चोरी अब एक बड़ा संकट बन चुका है तथा लगातार बढ़ते ही जा रहा है। आम लोग अपने लाखों-करोड़ो की कार को यूं ही गंवा दे रहे हैं तथा यह कार उन्हने वापस भी नहीं मिल रही है। हाल ही में लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है जो कार चोरी किया करते थे।

पुलिस का कहना है कि इनसे अब तक कुल 11 करोड़ रुपये के वाहन रिकवर किये जा चुके हैं। पुलिस ने बीते 21 जून को पांच लोगों को गिरफ्तार किया था जिनसे 50 वाहन रिकवर किये गये थे, अब पुलिस ने 62 वाहन और रिकवर किये हैं तथा कुल संख्या 112 हो गयी है।

लखनऊ पुलिस ने कहा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा कार चोरी का खुलासा है, इसके साथ पुलिस ने दावा किया है कि अब तक इस गैंग द्वारा 2000 से अधिक वाहन चोरी कर चुके हैं। चोरी किये गये वाहन की जानकारी छुपाने के लिए यह चोर एक्सीडेंट हुए वाहनों के नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे।

इंजन नंबर व चेसिस नंबर जैसे प्रमुख जानकारी चुराने के बाद यह लोग चोरी हुयी कार की जानकारी से बदल देते थे। यह गैंग खराब हुए व टोटल लॉस के रूप में चिन्हित किये गये वाहनों को खरीद लेते थे। इनके रजिस्ट्रेशन जानकारी चोरी हुए कार से बदल लेते थे।

उसके बाद इन कारों को चमका कर दूसरे राज्य के ग्राहकों को बेच दिया करते थे। यह गैंग लग्जरी वाहनों जैसे बीएमडब्ल्यू व हाई डिमांड वाली कारों जैसे टोयोटा इनोवा फोर्च्युनर व इनोवा क्रिस्टा की चोरी करते थे, इसके साथ ही कई मास सेगमेंट वाली कारें मौजूद है।

वर्तमान में जांच जारी है तथा इस गैंग के अन्य सदस्यों की पकड़ जारी है।इस अवसर पर पुलिस अधिकारी ने बताया कि इनमें से एक व्यक्ति विनोद शर्मा, श्वेता गुप्ता गैंग का भी मेंबर है जो कि एमबीए डिग्री धारी व पूर्व बैंक क्लर्क द्वारा चलाया जा रहा था।

यह कार चोरी करके विदेश भाग जाते थे तथा बैंकाक जैसी जगह में घुमा करते थे। इनकी थाईलैंड ट्रिप की कई तस्वीरें भी मिली है, यहां जाकर यह लोग चोरी की कार से मिले पैसे को उड़ाते थे। इनमें से अभी भी कई सदस्य की खोज जारी है तथा पुलिस का कहना है कि वह भी जल्द ही पकड़े जायेंगे।

गाड़ी के साथ छेड़छाड़ कर उसकी पहचान को बदलना चोरों का आम तरीका है। इससे पुलिस द्वारा कार को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। कार चोरी के कई गिरोह चोरी की गई कारों के पुर्जों को अलग कर बेच देते हैं।
कार को चोरी से बचाने के लिए आज कई नई तरह के तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आज कल कारों में इमोबिलाइजर लगा होता है जिससे कार को डुप्लीकेट चाबी से खोलना नामुमकिन होता है। कार में जीपीएस ट्रैकर भी लगाया जा सकता है जिससे कार चोरी होने पर उसकी लोकेशन की जानकारी कार को ट्रैक करने में मदद करती है।


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