पुणे में कार डूबी तो इंश्योरेंस कंपनी नहीं देगी एक रुपया! इंजन प्रोटेक्शन क्यों है जरूरी?
पुणे से रविवार सुबह सामने आया एक वायरल वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाला है, जिसमें एक शख्स अपनी जान बचाने के लिए अपनी ही कार को पकड़कर लटका हुआ है। भारी मानसूनी बारिश ने शहर की सड़कों को उफनती नदियों में बदल दिया है। यह डरावना मंजर बताता है कि बाढ़ जैसे हालात में कार इंश्योरेंस की बारीकियों को समझना कितना जरूरी है। अगर आपके पास सही कवर नहीं है, तो इंजन में पानी घुसने पर आपको मरम्मत का भारी-भरकम बिल चुकाना पड़ सकता है। इस मानसून सीजन में इन जोखिमों को समझकर आप अपनी जेब ढीली होने से बचा सकते हैं।
जब कार के एयर इनटेक में पानी घुस जाता है, तो 'हाइड्रोस्टेटिक लॉक' (Hydrolock) की समस्या पैदा होती है। यह एक ऐसी तकनीकी खराबी है जिसमें इंजन के पिस्टन हवा के बजाय पानी को कंप्रेस करने की कोशिश करते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि स्टैंडर्ड कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस में आमतौर पर जलभराव से होने वाले इंजन के नुकसान को कवर नहीं किया जाता। इन मरम्मतों के लिए आपको 'इंजन प्रोटेक्शन' (EP) एड-ऑन की जरूरत होती है। पानी में डूबी हुई गाड़ी को स्टार्ट करने की कोशिश करना इंजन को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।

पुणे बाढ़: इंश्योरेंस क्लेम और इंजन प्रोटेक्शन की अहमियत
एक बेसिक पॉलिसी केवल बाहरी नुकसान, जैसे किसी चीज के गिरने या मलबे से हुई टूट-फूट को कवर करती है। अपने इंजन को सुरक्षित रखने के लिए आपको 'इंजन प्रोटेक्शन' (EP) कवरेज जरूर लेना चाहिए। साथ ही, बाढ़ वाली जगह और समय का पूरा रिकॉर्ड रखना भी जरूरी है। मौके का वीडियो बनाना और पुलिस में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराना क्लेम की प्रक्रिया को तेज कर देता है। कार को हिलाने या हटाने के लिए हमेशा रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) प्रोफेशनल का ही इंतजार करें।
| कवरेज का प्रकार | स्टैंडर्ड पॉलिसी | इंजन एड-ऑन |
|---|---|---|
| बाहरी बॉडी का नुकसान | कवर मिलता है | कवर मिलता है |
| इंजन हाइड्रो-लॉक | कवर नहीं मिलता | कवर मिलता है |
| सर्विस कंज्यूमेबल्स | शामिल नहीं | कवर मिलता है |
मानसून में गाड़ी चलाने के लिए जरूरी सेफ्टी टिप्स
अगर पानी का स्तर पहियों के हब (बीच का हिस्सा) से ऊपर है, तो वहां गाड़ी ले जाने की गलती कभी न करें। इतने पानी में एयर इनटेक या नाजुक इलेक्ट्रॉनिक्स के खराब होने का खतरा रहता है। अगर आपकी कार बीच पानी में बंद हो जाए, तो उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसा करने से पानी इंजन के सिलेंडरों में और गहराई तक चला जाएगा। अगर कार के आसपास पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा हो, तो तुरंत गाड़ी से बाहर निकल जाएं।
पुणे की यह घटना देश के सभी कार मालिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। याद रखें, आपकी सुरक्षा गाड़ी के लोहे के ढांचे से कहीं ज्यादा कीमती है। मानसून के चरम पर पहुंचने से पहले सही इंश्योरेंस राइडर्स में निवेश करें। शहर में बाढ़ जैसे हालात के दौरान सही तैयारी और सूझबूझ ही आपके सबसे बड़े हथियार हैं। हमेशा अपडेट रहें और भारी बारिश शुरू होते ही अपनी गाड़ी को किसी ऊंचाई वाली जगह पर पार्क करें।


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