दिल्ली की भीषण गर्मी में कार में आग लगने का खतरा, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये बड़ी गलती?
दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का कहर जारी है और इसके साथ ही सड़कों पर कारों में आग लगने की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। दिल्ली और नोएडा में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है, जिससे गाड़ियां आग का गोला बन रही हैं। सोशल मीडिया पर आज सुबह से ही ऐसे कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें व्यस्त हाईवे पर गाड़ियां धू-धू कर जलती दिख रही हैं। दरअसल, इतनी ज्यादा गर्मी इंजन के पुर्जों और फ्यूल सिस्टम पर भारी दबाव डालती है, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा रहता है।
ज्यादातर मामलों में पुरानी वायरिंग या खराब हो चुके फ्यूल पाइप आग की मुख्य वजह बन रहे हैं। तेज धूप और गर्मी के कारण रबर के पार्ट्स चटक जाते हैं, जिससे अचानक लीकेज होने लगता है। जैसे ही ईंधन गर्म इंजन के संपर्क में आता है, वह तुरंत आग पकड़ लेता है। अगर आपको गाड़ी से कुछ जलने की गंध आए या धुआं दिखे, तो तुरंत सावधान हो जाएं। समय रहते सही कदम उठाना ही आपकी जान और गाड़ी दोनों बचा सकता है।

दिल्ली-एनसीआर की भीषण गर्मी में ऐसे रखें अपनी कार का ख्याल
इस तपती गर्मी में अपनी कार के कूलिंग सिस्टम की नियमित जांच करते रहें। टायर प्रेशर पर भी खास नजर रखें, क्योंकि गर्मी में हवा फैलने से टायर फटने का डर रहता है। कूलेंट का लेवल कम होने पर इंजन ओवरहीट हो जाता है, जो अक्सर शॉर्ट सर्किट या आग लगने का कारण बनता है। अगर आप समय-समय पर मेंटेनेंस कराते रहेंगे, तो आपकी गाड़ी इस झुलसाने वाली गर्मी को सुरक्षित तरीके से झेल लेगी।
| खतरे की वजह | पेट्रोल-डीजल गाड़ियां (ICE) | इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) |
|---|---|---|
| आग लगने का मुख्य कारण | फ्यूल या ऑयल लीकेज | बैटरी थर्मल रनवे (ओवरहीटिंग) |
| चेतावनी के संकेत | पेट्रोल जलने की गंध | धुआं या बैटरी से आने वाली आवाज |
कार में आग लगने से कैसे बचें? एक्सपर्ट टिप्स
इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) के लिए यह गर्मी और भी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि इनमें 'थर्मल रनवे' की वजह से बैटरी में आग लगने का जोखिम रहता है। वहीं, पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में लीकेज सबसे बड़ी समस्या है। ध्यान रखें, अगर आप डैशबोर्ड पर जल रही वॉर्निंग लाइट्स या मैकेनिकल खराबी को नजरअंदाज करते हैं, तो इंश्योरेंस कंपनियां आपका क्लेम खारिज कर सकती हैं। सुरक्षा के लिहाज से कार के केबिन में एक छोटा फायर एक्सटिंग्विशर (आग बुझाने वाला यंत्र) जरूर रखें।
अगर आपको गाड़ी से धुआं निकलता दिखे, तो तुरंत किनारे लगाकर सुरक्षित बाहर निकल जाएं। मदद के लिए फौरन फायर ब्रिगेड (101) या इमरजेंसी हेल्पलाइन (112) पर कॉल करें। एक बात का खास ख्याल रखें—अगर बोनट से आग की लपटें दिख रही हों, तो उसे खोलने की कोशिश बिल्कुल न करें। इस जानलेवा हीटवेव में सावधानी और तैयारी ही बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।


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