कार ड्राइवर का हेलमेट नहीं पहनने पर कटा 500 रुपये का चालान, घटना सोशल मीडिया पर वायरल
भारत में ऑनलाइन चालान बहुत आम हो गए हैं, खासकर यह महानगरों में ज्यादा हो रहा है। ऑनलाइन चालान को मैसेज के जरिए भेज दिया जाता है, इसमें कई बार गलतियां भी हो जाती हैं। कुछ ऐसी ही एक गलती सामने आई है। जिसमें एक कार मालिक को हेलमेट नहीं पहनने का जुर्माना लगाया गया है।

यह घटना सुनने में थोड़ा अजीब लगती है पर यह सच है। यह वाकया केरल के रहने वाले संजीव कुमार के साथ हुआ। जिन पर 500 रुपये का चालान लगाया गया है। दरअसल यह बात उन्हें तब पता चली जब उनके पास 24 अक्टूबर की रात को ट्रैफिक पुलिस की ओर से फोन पर मैसेज आया।

ट्रैफिक नियम के मुताबिक दोपहिया वाहन में हेलमेट पहनना जरूरी होता है। ऐसे नहीं करने पर उस व्यक्ति का चालान होता है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिसने कभी दोपहिया वाहन नहीं चलाई उस पर बाइक या स्कूटर जुर्माना लगा दिया गया।

संजीव कुमार पेशे से शिक्षक हैं। कार का नंबर व अन्य जानकारी देने के बाद उन पर हेलमेट नहीं पहनने का अपराध दर्ज किया गया। संजीव कुमार ने मीडिया से कहा कि उनके पास बाइक नहीं है, गाड़ी चलाना नहीं आता और उनके पास सिर्फ एक कार है।

इस घटना के बाद ट्रैफिक पुलिस की ओर से भी सफाई आई है, जिसमें पुलिस का कहना है कि जुर्माना लगाने की इस तरह की गलती तकनीकी रूप से हुई गड़बड़ी की वजह से हो सकती है। हालांकि इस तरह अजीबों-गरीब घटना का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी एक ऐसी ही घटना हो चुकी है। जिसमें एक इलेक्ट्रिक वाहन मालिक पर स्मोक टेस्ट सर्टिफिकेट नहीं होने पर जुर्माना लगाया गया था, वह भी हाल ही में चर्चा में था।

यह चालान भी केरल पुलिस ने ही जारी किया था। ईथर ई-स्कूटर के मालिक पर ट्रैफिक पुलिस ने वैध उत्सर्जन नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण जुर्माना लगाया था। बाद में यह घटना इंटरनेट पर वायरल हो गई।

इसके बाद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहने मालिक ने ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी चालान रसीद को फेसबुक ग्रुप में पोस्ट किया था। पोस्ट के साथ शेयर की गई तस्वीर देखा जा सकता है कि एथर के 450X स्कूटर पर जुर्माना लगाया गया था। केरल पुलिस ने अनुरोध करने पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने के लिए 250 रुपये की चालान रसीद जारी की थी।

एथर 450x एक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक स्कूटर है जिसमें प्रदूषणकारी हाइड्रोकार्बन को जलाने के लिए कोई आईसी इंजन ही नहीं है। इसका मतलब यह है कि यह स्कूटर किसी भी गैस का उत्सर्जन ही नहीं करती है। यूजर ने अपने पोस्ट में एथर के सीईओ को टैग करते हुए लिखा कि यह तो न कार्बन मोनोऑक्साइड, न ही कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्सर्जित करती है। फिर भी इस पर जुर्माना लगाया गया है।

एक साल पहले मुंबई में भी ऐसा ही घटना रोहन खरे के साथ हुई थी तब ईथर इतना लोकप्रिय नहीं था। तब रोहन ने पुलिस को जवाब दिया कि मुझे मेरे स्कूटर का एग्जॉस्ट पाइप दिखाओ और फिर आप मुझे अपना मनचाहा प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र दिखा सकते हैं।

बता दें कि प्रदूषण की जांच कर पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। यह इस बात का प्रमाण है कि डीजल-पेट्रोल इंजन पर आधारित वाहन सीमा से अधिक उत्सर्जन तो नहीं करते हैं। यह सीमा संबंधित अधिकारियों द्वारा विभिन्न विभागों और बोर्डों के सहयोग से तय की जाती है।
Source- Manoramaonline


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