इस भारतीय व्यापारी ने खरीदी देश की पहली एयरबस लग्जरी हेलिकाॅप्टर, जानें क्या है खूबियां
आरपी ग्रुप ऑफ कम्पनीज के चेयरमैन बी रवि पिल्लई एयरबस एच 145 हेलीकॉप्टर खरीदने वाले देश के पहले उद्यमी बन गए हैं। उन्होंने इस हेलीकॉप्टर की डिलीवरी कोवलम, चेन्नई स्थित अपने आवास पर ली है, जिसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई गई है। हेलीकॉप्टर की डिलीवरी लेने के बाद उन्होंने आरपी ग्रुप ऑफ कम्पनीज के वाईस चेयरमैन के साथ कोवलम से एक उड़ान भी भरी।

यह हेलीकॉप्टर भारत में पहला एयरबस डी3 हेलीकॉप्टर है और एशिया में पहला पांच-ब्लेड वाला एच 145 हेलीकॉप्टर है। आरपी ग्रुप के पास अपने प्राइवेट हेलिपैड हैं। ग्रुप के पास कोझीकोड, कोल्लम और कोवलम में हेलिपैड हैं, जिसका इस्तेमाल छोटे और बड़े सभी तरह के हेलीकॉप्टर के लिए किया जाता है।

नए हेलीकॉप्टर के जुड़ने से पर्यटन में वृद्धि होगी और इसका उपयोग उनके मेहमान पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए भी करेंगे। 68 वर्ष के बी रवि पिल्लई 2.5 बिलियन डॉलर की कंपनी के मालिक हैं और उनकी कंपनी में लगभग 70,000 लोग कार्यरत हैं।

एयरबस एच 145 हेलीकॉप्टर की बात करें तो, इस हेलीकॉप्टर में दो पायलट के साथ कुल 7 लोगों के बैठने की क्षमता है। यह हेलीकॉप्टर कॉम्पैक्ट है इसलिए कम ऊंचाई में भी उड़ान भरने में सक्षम है। एयरबस एच 145 हेलीकॉप्टर 20,000 फीट की अधिकतम ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। नया हेलीकॉप्टर नवीनतम सुरक्षा सुविधाओं के साथ आता है।

कंपनी के अनुसार, एच 145 एक छोटे साइज का हेलीकॉप्टर है जिसके केबिन को कई तरह की जरूरतों के लिए काम में लाया जा सकता है। यह हेलीकाप्टर एयरबस की सबसे नई 4 टन वजन की ट्विन इंजन रोटर हेलीकॉप्टर है।

H145 हेलीकॉप्टर परिवार में BK117, EC145 और H145 जैसे हेलीकॉप्टर शामिल हैं। दुनिया भर में ऐसे 1,500 हेलीकॉप्टर सेवाएं दे रहे हैं और इसने 60 लाख से अधिक घंटों की उड़ान भरी जा चुकी है।

H145 हेलीकॉप्टर अपनी सुरक्षा विशेषताओं के लिए जाना जाता है। हेलिकॉप्टर में ऊर्जा को अवशोषित करने वाली सीटें दी गई हैं जो दुर्घटना के समय अपने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। इसके अतिरिक्त, ईंधन रिसाव की संभावना भी न्यूनतम है। H145 उन्नत वायरलेस संचार प्रणाली से लैस है।


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