बच्चे से लगवाया चलती बस में गियर, आरटीओ ने जब्त किया लाइसेंस
केरल में बच्चे की बस गियर चेंज करने खबर आई है जिसके बाद बस ड्राइवर लाइसेंस जब्त कर उसे सेवा से ससपेंड कर दिया गया है। बता दें कुछ दिन पहले ही केरल के ही एक बस ड्राइवर ने कॉलेज की कुछ लड़कियों को बस में गियर लगाने दिया था जिसके बाद उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया था।

बस ड्राइवर का नाम केवी सुदेश बताया जा रहा है। केरल आरटीओ ने 6 महीने के लिए उसका ड्राइविंग लइसेंस जब्त कर लिया है। इस दौरान ड्राइवर बस नहीं चला सकता है।

बस ड्राइवर ने बच्चे के जिद करने पर उसे ट्रांसमिशन बॉक्स पर बिठा लिया फिर चलती बस में उस बच्चे को गियर शिफ्ट करने दिया। वीडियो में ड्राइवर बच्चे को बता रहा है कि कैसे गियर बदलना है।

वीडियो के इंटरनेट पर वायरल होने के बाद केरल आरटीओ ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए ड्राइवर पर कार्रवाई की है। एक स्थानीय आरटीओ अधिकारी ने ड्राइवर से इस घटना को लेकर सफाई मांगी।

ड्राइवर ने कहा कि जब यह घटना हुई तो बस एक खली मैदान में चल रही थी। लेकिन जब पुलिस ने वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि बस मैदान में नहीं बल्कि सड़क पर चल रही थी।

इसके बाद पुलिस में कार्रवाई करते हुए ड्राइवर को अगले 6 महीनों के लिए ससपेंड कर दिया और उसका लाइसेंस भी जब्त कर लिया। बस ड्राइवर पर जुर्माने की जानकारी अभी नहीं मिली है।

चलती बस में ऐसी घटना बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। किसी भी अप्रशिक्षित व्यक्ति के हाथ में बस जैसी किसी बड़े वाहन का नियंत्रण देना गैरकानूनी है।

बस जैसे बड़े वाहन को बड़ी कुशलता से नियंत्रित किया जाता है। इसके लिए ड्राइव को प्रशिक्षित किया जाता है। एक बच्चे के हाथों बस को नियंत्रित करना, सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
ऐसा करने से बस अनियंत्रित हो सकती है। बस की रफ्तार बढ़ सकती है और ड्राइवर बस से नियंत्रण खो सकता है। भारत में ड्राइविंग शुरू करने की आधिकारिक उम्र 18 वर्ष है।

भारत में अवयस्क ड्राइविंग से हर साल हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार एक अवयस्क के ड्राइविंग करने पर अभिभावक पर 15,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसके साथ ड्राइविंग लाइसेंस रद्द भी हो सकता है।
Source: English.manoramaonline


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